गोंडा में बाल विकास परियोजना अधिकारी हटाई गईं:आंगनबाड़ी एवं सहायिका भर्ती में वायरल ऑडियो पर हुई कार्रवाई

गोंडा जिले में आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिका भर्ती मामले में बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) छपिया वंदना को पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई कथित वायरल ऑडियो और नियुक्ति के नाम पर एक व्यक्ति द्वारा अपने आप को चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी बताकर पैसे मांगने के आरोपों के बाद की गई है। सीडीपीओ वंदना ने जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) संजय कुमार के निर्देश पर छपिया थाने में मन्नू वर्मा नामक युवक के खिलाफ तहरीर दी थी। वंदना ने आरोप लगाया था कि मन्नू वर्मा खुद को बाल विकास परियोजना अधिकारी छपिया का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बताकर कार्यालय में उपस्थित रहता है और नियुक्ति के नाम पर लोगों से पैसे की मांग कर रहा है। उन्होंने मन्नू वर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी। वंदना की तहरीर के आधार पर छपिया पुलिस ने अभी तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया है। हालांकि, जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार ने तत्काल प्रभाव से सीडीपीओ वंदना को पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई एक कथित ऑडियो वायरल होने के बाद की गई जिसमें नियुक्ति के नाम पर मन्नू वर्मा नाम के व्यक्ति द्वारा लाखों रुपये की मांग की जा रही थी। हालांकि, इस ऑडियो में किसका नाम है, इसका खुलासा नहीं हो पाया है। बिना ऑडियो की जांच कराए डीपीओ द्वारा की गई यह कार्रवाई सवालों के घेरे में है। जिले में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के 14 और सहायिकाओं के 625 रिक्त पदों पर भर्ती की जा रही है। इन पदों के लिए 5,066 लोगों ने आवेदन किया था। सभी आवेदकों के अभिलेखों का सत्यापन हो चुका है और चयन सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जब इस पूरे मामले को लेकर दैनिक भास्कर संवाददाता द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार से बात की गई तो उनके द्वारा सवाल सुनते ही फोन काट दिया गया। उन्होंने एक भी सवालों का जवाब देने से मना करते हुए फोन काट दिया है। व्हाट्सएप पर भी दैनिक भास्कर संवाददाता द्वारा अपने सवाल भेज करके जवाब जानने का प्रयास किया गया लेकिन जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा व्हाट्सएप पर भी जवाब नहीं दिया गया है।