गोरखपुर में शुरू हुई मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं:पहले दिन 310 परीक्षार्थी रहे अनुपस्थित, चार केंद्रों पर 776 अभ्यर्थी हुए शामिल

गोरखपुर में सोमवार से उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद की ओर से संचालित सेकेंड्री (मुंशी/मौलवी) और सीनियर सेकेंड्री (आलिम) की बोर्ड परीक्षाएं चार परीक्षा केंद्रों पर शुरू हो गईं। पहले दिन सभी केंद्रों पर परीक्षा निर्धारित समय और दिशा-निर्देशों के अनुसार कराई गई। पहले दिन की दोनों पालियों को मिलाकर कुल 1086 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 776 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 310 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा में गैरहाजिर रहने वाले परीक्षार्थियों की संख्या को लेकर विभागीय स्तर पर रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।
प्रथम पाली में हुई सेकेंड्री परीक्षा
सुबह आठ से 11 बजे तक प्रथम पाली में सेकेंड्री (मुंशी/मौलवी) की परीक्षा आयोजित की गई। इस पाली में 863 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 580 परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे, जबकि 283 परीक्षार्थी परीक्षा देने नहीं आए।
दूसरे पाली में हुई सीनियर सेकेंड्री की परीक्षा
दोपहर दो से शाम पांच बजे तक द्वितीय पाली में सीनियर सेकेंड्री (आलिम) की परीक्षा कराई गई। इस पाली में 223 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 196 परीक्षा में शामिल हुए। 27 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कमलेश कुमार मौर्य ने परीक्षा के दौरान कई केंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय परीक्षा व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। अधिकारियों के अनुसार किसी भी केंद्र पर नकल या अनुचित साधनों के प्रयोग का मामला सामने नहीं आया। सुरक्षा- अनुशासन पर रहा विशेष ध्यान
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। परीक्षार्थियों को पहचान पत्र की जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। कक्ष निरीक्षकों और केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा को पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से कराने के निर्देश दिए गए थे। जिले में मदरसा अंजुमन इस्लामिया खूनीपुर, मदरसा जियाउल उलूम पुराना गोरखपुर (गोरखनाथ), मदरसा अरबिया मिस्बाहुल उलूम असौजी बाजार और मदरसा जामिया रजविया अहले सुन्नत गोला बाजार को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। मंगलवार को होगी अगली परीक्षा
मदरसा बोर्ड के परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार अगली परीक्षा कल यानी मंगलवार 10 फरवरी को कराई जाएगी। सभी परीक्षा केंद्रों को समय से परीक्षा शुरू कराने और नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।