गोरखपुर में मरीजों की सुविधा और अस्पतालों में पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रदेशभर में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम (ORS) लागू करने की तैयारी की जा रही है। यह व्यवस्था कुछ चिकित्सा इकाइयों पर पहले से संचालित है( जिसे अब चरणबद्ध तरीके से जिले के अन्य प्रमुख सरकारी अस्पतालों तक बढ़ाया जाएगा। इस संबंध में CMO कार्यालय की ओर से सभी संबंधित चिकित्सा इकाइयों को पत्र भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने सभी जिलों को ORS सिस्टम के माध्यम से मरीजों के पंजीकरण को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन्हीं निर्देशों के आधार पर गोरखपुर जिले में ORS सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। भीड़ वाले अस्पतालों को मिलेगी प्राथमिकता
CMO डॉ. राजेश झा ने बताया कि ORS सिस्टम को सबसे पहले उन अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर लागू किया जाएगा, जहां मरीजों की संख्या अधिक रहती है। जिले के शहरी स्वास्थ्य केंद्रों के साथ कई ग्रामीण अस्पतालों में यह सुविधा पहले से उपलब्ध है। रेफर किए जाने वाले मरीजों का पंजीकरण ORS के जरिए कर पर्चा जारी किया जा रहा है, जिससे मरीज जिला अस्पताल में बिना लाइन लगाए सीधे OPD में चिकित्सक को दिखा सकें। प्रमुख चिकित्सा इकाइयों से जोड़ा जाएगा पर्चा
डॉ. झा ने बताया कि ORS सिस्टम से बने पर्चे का लाभ बीआरडी मेडिकल कॉलेज, एम्स गोरखपुर, जिला महिला अस्पताल सहित अन्य प्रमुख चिकित्सा इकाइयों में मिले, इसके लिए ठोस कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है। गोरखपुर शहर की सभी चिकित्सा इकाइयों में डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन की व्यवस्था पहले से लागू है। घर बैठे पंजीकरण- ऑनलाइन भुगतान की सुविधा
CMO ने बताया कि ORS सिस्टम पूरी तरह लागू होने के बाद मरीज घर बैठे अपना पंजीकरण कर सकेंगे और ऑनलाइन शुल्क भी जमा कर पाएंगे। पंजीकरण के बाद पर्चा प्रिंट कर सीधे ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया जा सकेगा। विभाग की कोशिश है कि शहर और गांव, दोनों क्षेत्रों में जहां संसाधन उपलब्ध हों, वहां ORS सिस्टम को प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को इसका सीधा लाभ मिल सके।