चंदौली में भाकियू नेता मणिदेव चतुर्वेदी हाउस अरेस्ट:सीएम योगी के आगमन पर पुलिस कार्रवाई का विरोध

चंदौली में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के मंडल प्रवक्ता मणिदेव चतुर्वेदी को हाउस अरेस्ट किए जाने का मामला अब तूल पकड़ रहा है। उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वाराणसी के डोमरी आगमन के मद्देनजर पुलिस ने हिरासत में लिया था। मणिदेव चतुर्वेदी ने पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें चंदौली जनपद के सीमावर्ती इलाके वाराणसी के डोमरी में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए हाउस अरेस्ट किया था। लोकतंत्र को कुचलने का काम कर रही सरकार भाकियू नेता ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को कैद किया जा सकता है, लेकिन उसकी विचारधारा को नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार लोकतंत्र को कुचलने का काम कर रही है और उनकी हिरासत इसका एक उदाहरण है। चतुर्वेदी ने जोर देकर कहा कि स्वतंत्र भारत में सभी को अभिव्यक्ति की आजादी है, लेकिन देश किसी एक विचारधारा से नहीं चल सकता। उन्होंने कहा कि यह देश तमाम धर्मों, जातियों और संप्रदायों के लोगों का है, जिन्होंने मिलकर आजादी की लड़ाई लड़ी थी। इस तरह किसी को घरों में कैद करना सीधे तौर पर लोकतंत्र पर प्रहार है। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा सरकार समाज के सभी वर्गों के विकास की बात करती है, लेकिन मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए नजरबंद करना उचित नहीं है। मणिदेव चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि भाकियू हमेशा किसानों, मजदूरों और शोषितों की आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस के माध्यम से इस आवाज को दबाने का प्रयास किया गया, तो इसके नकारात्मक परिणाम होंगे।