चित्रकूट में किशोरी ने बच्ची को जन्म दिया:परिजनों ने पालने से किया इनकार, बाल कल्याण समिति पहुंची अस्पताल

चित्रकूट के बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के एक गांव में एक अविवाहित किशोरी ने अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया है। बच्ची के जन्म के बाद उसके परिजन नवजात को पालने से इनकार कर रहे हैं। सूचना मिलने पर बाल कल्याण समिति की टीम अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की। परिजनों के अनुसार जून 2025 में किशोरी के साथ उसके ही परिवार के एक सदस्य ने दुष्कर्म किया था। सामाजिक बदनामी के डर से परिजनों ने उस समय पुलिस में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई और मामले को घर पर ही दबा दिया गया था। कई महीने बाद किशोरी के गर्भवती होने की जानकारी मिली। परिजनों ने पहले गर्भपात का प्रयास भी किया, लेकिन पुत्री और कुछ अन्य परिजनों की सहमति से गर्भपात न कराकर बच्ची को पालने का निर्णय लिया गया। शनिवार को तेज पेट दर्द होने पर किशोरी को अस्पताल लाया गया। शुरुआत में डॉक्टरों को गुमराह कर केवल पेट दर्द बताया गया, लेकिन गर्भवती होने का पता चलने पर उसे प्रसव कक्ष भेजा गया। किशोरी ने वहां एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। डॉक्टरों के अनुसार, नवजात लगभग आठ माह से अधिक समय की है और फिलहाल स्वस्थ है। प्रसव के बाद प्रसूता और उसके परिजन बच्ची को अस्पताल में छोड़कर जाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान बाल कल्याण समिति की टीम को सूचना मिली और वे मौके पर पहुंचे। समिति के प्रभारी राकेश माथुर और राजेश दुबे ने किशोरी और उसके परिजनों से बातचीत की। परिजनों ने बताया कि वे नवजात को पालने के लिए तैयार नहीं हैं। समिति ने इसकी सूचना पुलिस को भी दी है। बहिलपुरवा के प्रभारी थानाध्यक्ष प्रभाकर उपाध्याय ने बताया कि उनके थाने में ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि परिजनों द्वारा कार्रवाई के लिए पत्र दिया जाता है, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।