जज के पुजारी ने महिला को गला दबाकर मार डाला:चोरी करते समय देख लिया था, लखनऊ में 12 घंटे घर में छिपा रहा

लखनऊ के जानकीपुरम में 3 दिसंबर को बुजुर्ग महिला की हत्या की गई थी। पुलिस ने महिला की हत्या करने वाले जज के पुजारी को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि महिला ने उसे चोरी करते देखा था। तभी उसने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। फिर सामान चोरी करके फरार हो गया। आरोपी बुजुर्ग महिला के घर के सामने रहने वाले बुलंदशहर के सिटी मजिस्ट्रेट संजय सिंह के घर में पुजारी था। वहीं काम करने वाले 2 नौकरों ने उसे चोरी करने के लिए उकसाया था। पुलिस ने आरोपी के साथ ही दोनों नौकरों को भी अरेस्ट किया है। अब घटना को सिलसिलेवार समझते हैं… घर में मिला था महिला का शव जानकीपुरम थाना क्षेत्र के यशोदापुरम सेक्टर आई में 74 साल की नीलिमा श्रीवास्तव अकेले रहती थीं। 3 दिसंबर की सुबह उनका शव घर में मिला। अलमारी और अटैची, बक्से खुले थे। सारा सामान अस्त-व्यस्त था। गहने गायब थे। उनके गले पर चोट के निशान थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन शुरू की। इस दौरान एक संदिग्ध युवक सीसीटीवी फुटेज में दिखा। चोरी करने के दौरान जागी बुजुर्ग महिला आरोपी जतिन्द्र मिश्रा ने पुलिस को बताया कि वह मकान संख्या 218 में पूजा-पाठ करता था। यह मकान बुलंदशहर के सिटी मजिस्ट्रेट संजय सिंह का है। यहीं पर दीपक उर्फ दीपू और सुशील कुमार नौकर हैं। तीनों को हर महीने 8-8 हजार रुपए सैलरी मिलती है। दीपक और सुशील ने उसे बताया था कि सामने रहने वाली बुजुर्ग नीलिमा के पास करीब 250 ग्राम सोना और गहने हैं। नीलिमा अकेले रहती हैं। उनका कोई सहारा नहीं है। उनके घर में चोरी की जा सकती है। दोनों के उकसाने पर वह 2 दिसंबर को दिन में करीब 2 बजे मौका पाकर वह नीलिमा के घर में घुस गया। दिनभर तख्त के नीचे छिपा रहा। देर रात जब नीलिमा सो गईं तो उसने अलमारी और बक्से खंगालने शुरू किए। तभी नीलिमा जाग गई और उसे पहचान लिया। महिला को दादी कहता था हत्यारा
जतिन्द्र ने बताया कि उसे घर में सोना और गहने नहीं मिले। सिर्फ आर्टिफिशयल ज्वैलरी, सिक्के और पर्स मिला। वह सामान को जूट की बोरी में भरकर आधी रात करीब ढाई बजे फरार हो गया। पुलिस ने उसके पास से चोरी का सामान बरामद किया हैं। जतिन्द्र नीलिमा को दादी कहता था। दादी-दादी कहकर वह उनके करीब आया था। उसने चोरी का प्लान कई दिन पहले बनाया थी। उसे पता था कि दोपहर में जब टिफिन आता है, तो घर का गेट खुलता है। इसी दौरान वह घर में घुसा था। घर में अकेली रहती थीं नीलिमा मृतका की बहन पूनम ने बताया कि नीलिमा घर में अकेले रहती थीं। परिवार में बहू नम्रता और पोता विभु है। पति रमेश श्रीवास्तव की 25 साल पहले मौत हो गई है। 2018 में बेटे विभोर की भी बीमारी के दौरान मौत हो गई थी। मृतका के समधी केपी सक्सेना ने बताया- बेटी नम्रता की 2010 में विभोर से शादी की थी। विभोर सिक्योरिटी गार्ड था। उसकी बीमारी के चलते 2018 में मौत हो गई थी। बेटी नम्रता दिमागी तौर पर कमजोर है। वह ज्यादातर मेरे साथ ही रहती है। रिटायर होने के बाद यह घर खरीदकर बेटी को दिया था। इसमें उसकी सास रहती थी।
————— ये खबर भी पढ़ें… लखनऊ में शव के साथ 14 घंटे रहा हत्यारा, VIDEO:बुजुर्ग महिला को मारकर रात ढाई बजे मकान से बाहर निकला, मफलर बांधे था लखनऊ के जानकीपुरम में 74 साल की नीलिमा श्रीवास्तव को मारकर हत्यारा शव के साथ 14 घंटे तक रहा। आराम से लूटपाट करने के बाद उसने रात गहराने का इंतजार किया। इसके बाद मुंह पर मफलर बांधकर चुपचाप मकान से बाहर निकल फरार हो गया। (पूरी खबर पढ़िए)