झांसी में पत्नी की हत्या करने वाले पति को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उसने दो साल पहले पत्नी को मायके से बुलाया और फिर रात में विवाद होने पर कुल्हाड़ी से काट डाला था। कोर्ट ने आरोपी पर 50 हजार रुपए का अर्थदण्ड लगाया है। इसमें से 40 हजार रुपए मृतका की मां को दिए जाएंगे। अर्थदण्ड अदा नहीं करने पर तीन माह की जेल अतिरिक्त काटनी होगी। पूजा के बहाने घर बुलाया था सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह ने बताया- सदर बाजार तोपखाना निवासी नीतू की शादी फरवरी 2012 में सम्मेलन से लहरगिर्द न्यू प्रेमगंज निवासी सचिन पुत्र हरगोविंद बाल्मीकि से हुई थी। शादी के बाद दोनों के बीच विवाद होने लगा। ज्यादातर नीतू अपने मायके में ही रहती थी। विवाद होने पर 20 जून 2023 को नीतू अपने मायके चली गई थी। मां को पूरी आपबीती सुनाई। 28 जून 2023 को आरोपी सचिन बाल्मीकि ने सास पार्वती को फोन लगाया कि करौंदी माता मंदिर पूजा करने जाना है। नीतू को घर भेज दो। तब पार्वती ने नीतू को बेटे के साथ ससुराल भेज दिया। रात को विवाद होने पर सचिन ने कुल्हाड़ी मारकर नीतू की हत्या कर दी थी। देर रात 2 बजे अपनी सास को फोन लगाया कि नीतू मर गई। पार्वती की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया था। अब कोर्ट ने आरोपी सचिन को दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।