डिप्टी सीएम से महिला बोली- पति की हत्या की गई:एप्लिकेशन नहीं देने पर झुंझलाए केशव, बोले- पहले लिखकर दो, फिर कार्रवाई करेंगे

कौशांबी में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के सामने एक महिला अपने बच्चे को गोद में लेकर मंच तक पहुंच गई। वह दोनों हाथ जोड़कर गुहार लगाते हुए कहने लगी कि उसके पति की हत्या कर दी गई है और उसे न्याय चाहिए। महिला ने आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस एक बार भी उसके घर पूछताछ के लिए नहीं आई। इस पर डिप्टी सीएम ने कहा कि आप एक एप्लिकेशन दे दीजिए, अभी कार्रवाई कराई जाएगी। महिला ने जवाब दिया कि वह कागज लेकर नहीं आई है। इसके बावजूद वह लगातार न्याय की मांग करती रही। महिला के बार-बार कार्रवाई की जिद करने पर डिप्टी सीएम थोड़ा झुंझलाते हुए बोले कि पहले लिखित एप्लिकेशन तो दीजिए। कागज पर लिखकर देंगी, तभी कार्रवाई हो सकेगी। जब महिला नहीं मानी और वहीं खड़ी रहकर गुहार लगाती रही तो डिप्टी सीएम ने सुरक्षाकर्मियों को इशारा किया। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने महिला को वहां से हटाया। फिर डिप्टी सीएम कार्यक्रम स्थल से आगे बढ़ गए। शनिवार की यह घटना सरस महोत्सव के दौरान की है। महिला की पहचान बिरहिबाद गांव की रहने वाली आशा देवी के रूप में हुई है। पहले पूरा घटनाक्रम जानिए… डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य कार्यक्रम में सरकार की उपलब्धियां गिनाकर मंच से उतर रहे थे। तभी चरवा थाना क्षेत्र के मलाक नागर में रहने वाली आशा देवी अपने 3 बच्चों आन्या, जानवी और प्रियांशु के साथ मंच के पास पहुंच गई। बेटे प्रियांशु को गोद में लेकर मंच पर चढ़ने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोक लिया। वह मंच के नीचे से ही चिल्लाने लगी- मुझे न्याय चाहिए। मेरे पति की हत्या की गई है। डिप्टी सीएम ने जब एप्लिकेशन देने की बात कही तो उसने कहा कि सबको भेजा गया है। अभी नहीं लाई है। मोबाइल में है, देख लीजिए। आशा के साथ आई दूसरी महिला ने कहा कि साहब, पवन का मर्डर किया गया है। पुलिस कह रही है कि दारू पीकर मरा है। फिर डिप्टी सीएम ने क कि एक घंटे में एप्लिकेशन लिखकर ले आओ, कार्रवाई कराते हैं। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने महिला, उसके बच्चों और परिजनों को मंच के पास से हटाया। फिर केशव अगले कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए रवाना हो गए। इस घटना से मंच के पास कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अब पूरा मामला जानिए… 9 फरवरी को घर से 100 मीटर दूर मिला था शव
चरवा थाना क्षेत्र के बिरहिबाद गांव में आशा देवी रहती है। उसके पति पवन विश्वकर्मा (36) का शव बीते सोमवार (9 फरवरी) को गांव के बाहर ओवरब्रिज के पास मिली थी। आशा देवी ने बताया- रविवार शाम 4 बजे वह घर से निकले थे। साढ़े 7 बजे उनसे फोन पर बात हुई थी। कहा था कि 10 मिनट में घर पहुंच रहे हैं। फिर उसके बाद वापस नहीं आए। हम फोन लगा रहे थे, लेकिन उनका फोन नहीं लगा। दूसरे दिन पता चला कि ओवरब्रिज के पास एक आदमी की लाश पड़ी है। गांव के बाहर लाश मिलने की सूचना पर बड़ी संख्या में गांववाले भी पहुंच गए। आशा देवी ने बताया कि जब हम लोग वहां गए, तो पता चला कि वो मेरे पति पवन थे। इसके बाद सूचना पर पुलिस पहुंची। घटना पर पहुंचे 5 पुलिसवालों ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पत्नी बोली- पुलिस ने गलत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बनवाई, हमें थाने से भगाया
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि हत्या कर शव को छिपाने के लिए खेत में फेंका गया। पत्नी ने भी पति की हत्या का आरोप लगाया। लेकिन, पुलिस ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शराब पीने से मौत की बात सामने आई है। चरवा थाना प्रभारी महेश सिंह ने कहा था कि शव पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं। घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर एक शराब का ठेका है, जिसे ठेकेदार ने पवन के घर में किराए पर ले रखा था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को गलत बताते हुए पत्नी आशा देवी ने कहा- पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट गलत निकाला गया कि मेरे पति दारू पीकर मरे हैं। हम लोग जब थाने जाते हैं, तो हमें भगा दिया जाता है। हमारे 3 बच्चे- 2 बेटी और एक बेटा है। बताइए हम लोग कहां जाएंगे। पुलिस ने शिकायत ले ली, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। डिप्टी सीएम से परिवार पहले भी शिकायत कर चुका
आशा देवी ने बताया कि उसके जेठ विजय कुमार पहले भी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को अपनी शिकायत भेज चुके हैं। शिकायत करने के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। महिला ने डिप्टी सीएम के ऑफिस से आए एक लेटर को भी दिखाया। लेटर में लिखा में लिखा है- आपका पत्र 16 फरवरी को मिला है। 18 फरवरी को पत्र को कार्रवाई के लिए एसपी कौशांबी को भेज दिया गया है। हालांकि, कार्रवाई नहीं होने पर परिजनों ने 25 फरवरी को फिर से कौशांबी एसपी राजेश कुमार को आवेदन देकर हत्या की एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी। कार्रवाई नहीं होने पर सरस महोत्सव में डिप्टी सीएम से मिलने पहुंची महिला महिला आशा देवी ने बताया- कई बार शिकायत के बाद भी पुलिस ने जब FIR नहीं दर्ज की, तब मैं डिप्टी सीएम से मिलने सरस महोत्सव में आई थी। ———————— ये खबर भी पढ़ें… ‘बहन समझाती थी- इश्क में पागल मत हो, करियर बना’, मुरादाबाद में जिसके लिए बहन को 84 चाकू मारे, वो सिर्फ ऑनलाइन मोहब्बत थी
मुरादाबाद में इंजीनियर बहन को चाकू से 84 वार करके मौत के घाट उतारने वाला इंजीनियर भाई हार्दिक जेल में पहुंच गया है। पुलिस पूछताछ में वो बहकी-बहकी बातें करता रहा है। बोला- मेरी मुस्लिम प्रेमिका को उसके घर वाले टॉर्चर करते थे। मेरी वजह से उसकी जिंदगी बर्बाद हो गई। पढ़ें पूरी खबर…