डीजीपी का दावा यूपी में सड़क हादसों में अभूतपूर्व कमी:जनशिकायत के मालों में भी 70 प्रतितशत तक की कमी दावा, डीजीपी ने की समीक्षा

उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने मंगलवार को फील्ड के अफसरों के साथ अपराधों की समीक्षा के लिए एक हाई लेवल मीटिंग की। इस मीटिंग में डीजीपी ने अपने 10 सूत्रीय एजेंडे की भी समीक्षा की। डीजीपी ने बताया कि समीक्षा के दौरान पाया गया कि मानीटरिंग के और रेगुलर रिव्यू के चलते जनशिकायतों के मामलों में पूरे प्रदेश में अभूतपूर्व कमी दर्ज की गई है। उन्होंने एफआईआर से पहले की प्रभावी पुलिसिंग की जरूरत बताई जिससे विवादों एवं अपराधों को प्रारम्भिक स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सकता है। राजीव कृष्ण ने कहा कि ज़ीरो फ़ैटलिटी डिस्ट्रिक्ट अभियान की वजह से पूरे प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई है। अभियान के तहत पूरे प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए व्यापक कार्रवाई की जा रही है और दुर्घटनाओं में 40 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। समीक्षा में पाया गया कि प्रदेश की 54 इकाइयों में निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई । श्रावस्ती में 83 प्रतिशत, कमिश्नरेट गाजियाबाद ग्रामीण जोन में 53 प्रतिशत एवं जालौन में 48 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी, जबकि 6 जिलों में दुर्घटनाओं की संख्या पूर्व वर्षों के लगभग समान रही । डीजीपी राजीव कृष्ण ने जून 2025 से समीक्षा बैठकों में सभी जिलों को जनशिकायतों में 40 प्रतिशत कमी लाने का टार्गेट दिया था। इसका नतीजा ये हुआ कि सम्भल, फिरोजाबाद और इटावा में जनशिकायतों में लगभग 70 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। इसके अलावा 15 जिलों बदायूं, श्रावस्ती, गोरखपुर, अलीगढ़, मैनपुरी, कासगंज, उन्नाव, पीलीभीत, बुलन्दशहर, एटा, खीरी, अम्बेडकरनगर, बरेली, संतकबीरनगर एवं प्रतापगढ़ में 40 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई जबकि 48 जिलों में जनशिकायतों में 30 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई। जहां ज्यादा कमी, वहां की मांगी रिपोर्ट डीजीपी ने निर्देशित किया कि सम्भल, फिरोजाबाद और इटावा में अपनाए गए तरीकों का विस्तृत प्रतिवेदन मुख्यालय को भेजा जाए, ताकि उन उपायों को दूसरे जिलों में भी लागू किया जा सके और जनसुनवाई प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। यक्ष एप को लेकर डीजीपी ने कहा कि इसके प्रभावी उपयोग से अपराध-मुक्त समाज की दिशा में एक बेहतर ब्लूप्रिंट तैयार होगा। आनलाइन बैठक में सभी जोन के एडीजी, सभी पुलिस कमिश्नर, सभी रेंज के आईजी व डीआईजी, जिलों के एसपी व एसएसपी मौजूद थे।