फाल्गुन मास के अवसर पर दयालबाग में राधास्वामी मत के अनुयायियों ने होली का पर्व भक्ति, सेवा और उत्साह के साथ मनाया। सुबह सतसंगी भाई-बहन और बच्चे आरती पाठ व सतसंग के बाद पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत डेयरी परिसर पहुंचे और खेतों में गन्ना कटाई सहित कृषि सेवा में भाग लिया। गुरु महाराज सतसंगी साहब और परम आदरणीय रानी साहिबा की उपस्थिति में तिलक कार्यक्रम से होली मिलन का शुभारंभ हुआ। पहले गुरु महाराज और रानी साहिबा को तिलक अर्पित किया गया, इसके बाद संगत को भी तिलक लगाया गया। कार्यक्रम में होली विशेष पाठ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। संत परह्यूमन के बच्चों की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। दोपहर में खेतों में ही प्रीतिभोज का आयोजन किया गया, जिसमें सभी सतसंगी भाई-बहनों और बच्चों ने सहभागिता की। राधास्वामी सतसंग सभा के अध्यक्ष गुर सरूप सूद (भूतपूर्व आईएएस) ने बताया कि दयालबाग में होली रंग और शोर-शराबे के बजाय आध्यात्मिक रूप में मनाई जाती है। इसमें श्रद्धालु सतगुरु के सानिध्य में बैठकर दर्शन करते हैं और ‘शब्द’ का श्रवण करते हैं। होली के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों का सजीव प्रसारण देश-विदेश के 580 से अधिक केंद्रों पर भी किया गया।