आगरा में राज चौहान मर्डर केस में गिरफ्तार अरबाज खान उर्फ मंसूरी को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। पुलिस अरबाज को मर्डर में इस्तेमाल तमंचे की बरामदगी के लिए रात 2 बजे ले गई थी। डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने बताया- अरबाज को जीप से उतारकर 6 पुलिसकर्मी ले जा रहे थे, तभी अचानक उनसे दरोगा को धक्का देकर उनकी सरकारी पिस्टल छीन ली। अचानक हुए इस हमले से पुलिस टीम घबरा गई। भागते वक्त अरबाज ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसमें सिपाही मनोज कुमार और दरोगा ऋषि को गोली लगी। जबकि दरोगा हरेंद्र कुमार और इंस्पेक्टर भानु प्रताप की बुलेट प्रूफ जैकेट में एक-एक गोली लगी। पुलिस टीम ने भी जवाबी फायरिंग की। इसमें अरबाज के सीने और पैर में एक-एक गोली लगी। वह घायल होकर वहीं गिर गया। उसे एसएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया। यह पूरी घटना टेढ़ी बगिया इलाके में काशीराम कालोनी में हुई। कॉलोनी में रहने वाली बुजुर्ग महिला मुन्नी ने बताया कि रात करीब एक बजे गोलियों की आवाज सुनाई पड़ी। 7-8 गोलियां चलीं। आवाज सुनकर बाहर आई तो पानी की टंकी के पास पुलिस की सफेद-काली गाड़ियां दिखीं। 6 दिन पहले यानी 23 जनवरी को टेढ़ी बगिया के एसएन गेस्ट हाउस में राज चौहान नाम के युवक की 4 गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में अरबाज खान, मोहित पंडित और आशु तिवारी का नाम सामने आया था। राज हत्याकांड में पुलिस ने 4 घंटे में 3 एनकाउंटर किए
आगरा पुलिस ने राज चौहान मर्डर केस में कल रात 3 अलग-अलग जगहों पर एनकाउंटर किए। पुलिस ने खंदौली निवासी अरबाज खान को बुधवार को ही गिरफ्तार किया था, जो कुछ घंटे बाद एनकाउंटर में मारा गया। जबकि अरबाज के मारे जाने से पहले 2 अन्य आरोपी मोहित पंडित और आशु तिवारी को भी कल देर रात ही एनकाउंटर में गिरफ्तार किया। दोनों के पैर में गोली लगी है। तीनों पर 25-25 हजार का इनाम था। पहला एनकाउंटर: ट्रांस यमुना क्षेत्र में हुआ। यहां रात 12.30 बजे में चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर आरोपी मोहित पंडित से ट्रांस यमुना क्षेत्र में पुलिस की मुठभेड़ हो गई। मोहित के पैर में गोली लगने से घायल हो गया। उसके पास से एक अवैध तमंचा, एक जिंदा और एक खोखा कारतूस सहित एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद हुई। मोहित, अभी कालिंदी विहार का रहने वाला था। वह मूल रूप से एटा का रहने वाला है। दूसरा एनकाउंटर: डौकी नदोता अंडरपास के पास 1.30 बजे हुआ। यहां आशू तिवारी पुत्र रविंद्र तिवारी निवासी न्यू गौशाला रामगंज (इटावा) ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में आशू घायल हो गया। उसके पास से एक अवैध तमंचा, एक जिंदा और एक खोखा कारतूस और एक .315 बोर बरामद हुआ।
अरबाज के घर पर ताला लगा, परिवार कहां? पता नहीं एनकाउंटर में मारे गए अरबाज के खंदौली स्थित घर पर ताला लगा है। एनकाउंटर के बाद पुलिस की टीम वहां पहुंची, लेकिन कोई नहीं मिला। परिवार अभी कहां है। इस बारे में कुछ पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने बताया कि अरबाज क्रिमिनल एक्टिविटी में शामिल रहता था। उनके खिलाफ कितने मुकदमे दर्ज हैं। उसका पता लगाया जा रहा है। अब राज चौहान मर्डर केस के बारे में जानिए… हर हफ्ते एक एनकाउंटर
यूपी में 124 दिन (4 महीने से ज्यादा समय) में 17वां बदमाश एनकाउंटर में ढेर हुआ है। इस हिसाब से यूपी पुलिस औसतन हर हफ्ते एक एनकाउंटर कर रही है। 8 साल में 259 अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर किया
राज्य सरकार के अनुसार, मार्च 2017 से अक्टूबर 2025 तक यूपी पुलिस ने 259 अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर किया है। इस दौरान 15,000 से अधिक पुलिस एनकाउंटर हुए, जिनमें 31,000 से ज्यादा अपराधी गिरफ्तार हुए और 10,000 से अधिक को गोली मारी गई। ———————— ये खबर भी पढ़िए हमें चुरकी वाला कहते हैं…UGC में इसके लिए क्या नियम?:लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्रों में दो फाड़; प्रोफेसर बोले- ये विरोध सियासी हमारे साथ भी भेदभाव होता है। हमें ‘चुरकी वाला’ कहकर चिढ़ाया जाता है। हमारी जाति देखकर बयानबाजी होती है, हमारे खिलाफ साजिशें रची जाती हैं…तो फिर नियम सिर्फ OBC और बाकी समुदायों के लिए ही क्यों? जनरल कैटेगरी के लिए क्यों नहीं? ये कहना है लखनऊ यूनिवर्सिटी के जनरल कैटेगरी के MA फर्स्ट ईयर के छात्र हर्ष मिश्रा का। जबसे UGC (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) ने उच्च शिक्षण संस्थानों में असमानता और भेदभाव खत्म करने के उद्देश्य से UGC नियम 2026 लागू किए हैं, तभी से जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट प्रदर्शन कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़िए