दहेज हत्या केस में पति और सास बरी:आगरा कोर्ट ने 2 आरोपियों 5 साल बाद दी क्लीन चिट, साक्ष्य पेश नहीं कर सकी पुलिस

आगरा में दहेज हत्या जैसे गंभीर आरोपों में फंसे पति और सास को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। यह मामला ताजगंज थाना क्षेत्र के ग्राम रजरई का है, जहां 2019 में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उसके परिजनों ने दहेज हत्या का आरोप लगाया था। अदालत में लम्बी सुनवाई के बाद एडीजे-29 दिनेश कुमार चौरसिया ने दोनों आरोपियों को दोषमुक्त घोषित किया। थाना ताजगंज में दर्ज एफआईआर के अनुसार वादी राजेश ने बताया था कि उसकी पुत्री प्रीति की शादी करीब चार साल पहले रामौतार पुत्र राम सिंह निवासी रजरई से हुई थी। वादी के अनुसार शादी के बाद से ही पति रामौतार, सास राम स्नेही और अन्य ससुरालीजन दहेज से असंतुष्ट थे और अतिरिक्त दहेज के लिए प्रीति पर दबाव बनाया जाता था। परिवार का आरोप था कि दहेज की मांग पूरी न करने पर 6 दिसम्बर 2019 को प्रीति को आग के हवाले कर उसकी हत्या कर दी गई। मामले की सुनवाई के दौरान वादी पक्ष से कुल दस गवाह अदालत में प्रस्तुत हुए, लेकिन बयान और परिस्थिति-जन्य साक्ष्यों में आवश्यक मजबूती नहीं मिल सकी। अदालत ने पाया कि घटना को लेकर दिए गए बयान परस्पर विरोधी हैं और अभियोजन पक्ष आरोप प्रमाणित करने में असफल रहा। इसके चलते अदालत ने पति रामौतार और सास राम स्नेही को बरी करने के आदेश दिए। आरोपियों की तरफ से अधिवक्ता रमेश चंद्रा ने पैरवी की। अदालत के फैसले के बाद मामला अब पूरी तरह निष्पादन की स्थिति में पहुंच गया है।