दिल्ली के ट्रक से लखनऊ में उतरे संदिग्ध रोहिंग्या-बांग्लादेशी, VIDEO:व्यापारी का दावा- चुपके से आए, ATS और नगर निगम अलर्ट

लखनऊ मेयर सुषमा खर्कवाल नगर निगम अधिकारियों के साथ झुग्गी झोपड़ियों में जाकर बांग्लादेशी और रोहिंग्या की पहचान कर रही हैं। यूपी ATS भी अलर्ट मोड में है। इसके बावजूद लखनऊ में बांग्लादेशी और रोहिंग्या की अवैध घुसपैठ लगातार जारी है। दैनिक भास्कर को एक वीडियो मिला है, जिसमें दिल्ली नंबर के ट्रक से कुछ संदिग्ध लोग उतरते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि ट्रक से उतरते नजर आ रहे लोग बांग्लादेशी और रोहिंग्या हैं। गोमतीनगर (विभूतिखंड किसान बाजार) के रहने वाले व्यापारी आशीष ने दावा किया- हमारे इलाके में सोमवार देर रात करीब 12:30 बजे दिल्ली का ट्रक आकर रुका। कुछ लोग उस ट्रक से उतारे गए। वे लोग बांग्लादेशी और रोहिंग्या थे। भास्कर इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता। पहले 2 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए स्थानीय लोगों ने जो कहा… व्यापारी बोला- बोली-भाषा से स्थानीय नहीं लगते आशीष ने कहा- ट्रक से उतरे लोग बोली-भाषा से स्थानीय नहीं लग रहे थे। कैमरे पर बोलने से इनकार करते हुए कुछ लोगों ने बताया- इस इलाके में ओवरब्रिज के नीचे और खाली प्लॉट में संदिग्ध बांग्लादेशी और रोहिंग्या रहते हैं। इस बारे में नगर निगम और पुलिस को कई बार सूचना दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक अवैध झुग्गी के खिलाफ कार्रवाई नहीं नगर निगम की तरफ से पिछले एक साल में एक भी बड़ी झुग्गी झोपड़ी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। जबकि निगम अधिकारियों को यह पता है कि इनमें रहने वाले अधिकतर लोग अवैध रूप से कूड़े के कारोबार से जुड़े हैं। शहर में 7335 झुग्गी-झोपड़ियां हैं। इनमें बड़ी संख्या में कूड़े को अलगाव करने का काम भी किया जा रहा है। इसकी आए दिन शिकायत भी आती है। गोमतीनगर, पुराने लखनऊ सहित शहर के करीब सभी क्षेत्रों में अवैध रूप से कूड़े के डोर-टु-डोर कलेक्शन की व्यवस्था नगर निगम के पैरलल चल रही है। एटीएस का करीब एक महीने पहले आया पत्र, जवाब में देरी नगर निगम को यूपी एटीएस और लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की तरफ से करीब एक महीने पहले पत्र आया था कि शहर के सभी सफाई कर्मचारियों की डिटेल रिपोर्ट दी जाए। ताकि पता चले कि शहर में कितने घुसपैठिए काम कर रहे हैं। इसमें जांच एजेंसियों ने आशंका जताने के साथ पर्याप्त सबूत होने की बात भी कही थी। करीब एक सप्ताह के अंदर पूरे डेटा के साथ मामले में रिपोर्ट देनी थी, लेकिन नगर निगम अभी तक सफाई कर्मचारियों का डिक्लेरेशन कलेक्ट कर रहा है। इस दौरान एटीएस के अधिकारी सीधे जोन स्तर के अधिकारियों के संपर्क में आकर डेटा ले रहे हैं। ………………………………… संबंधित खबर पढ़िए लखनऊ में गुरिल्ला बनकर रह रहे बांग्लादेशी-रोहिंग्या: नाम पूछने से पहले ID कार्ड दिखाते हैं, 7335 झुग्गी-झोपड़ियों में 90% मुस्लिम लखनऊ में अवैध रूप से बसे बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं का हर काम में एक पैटर्न है। ये सभी खुद को असम के बारपेटा का निवासी बताते हैं। ये घुसपैठिए झुग्गी-झोपड़ी में गुरिल्लों की तरह रहते हैं। सभी के पास NRC, आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड हैं। (पूरी खबर पढ़िए)