दुष्कर्म मामले में दोषी को 10 साल की कठोर सजा:बिजनौर कोर्ट ने सुनाया फैसला, दो आरोपी बरी

बिजनौर के अफजलगढ़ क्षेत्र में दुष्कर्म के एक मामले में नगीना कोर्ट के अपर जिला जज अनुपम सिंह ने मोहम्मद आरिफ को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसी मामले में दो अन्य आरोपी शेर मोहम्मद और महताब जहां को पर्याप्त सबूतों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। एडीजीसी क्षितिज अग्रवाल ने बताया कि अफजलगढ़ क्षेत्र की एक विवाहिता ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि उसका पति बेंगलुरु में काम करता है। 7 जुलाई 2024 को पीड़िता अपनी दवा लेकर घर लौट रही थी। इसी दौरान आरोपी महताब जहां ने उसे फोन किया और कहा कि वह दुकान से उधार के 50 हजार रुपये ले जाए। पीड़िता जब दुकान पर पहुंची, तो आरोपियों ने उसे दुकान के पास बने एक कमरे में बैठा दिया। इसके बाद महताब जहां और शेर मोहम्मद कमरे से बाहर आ गए और उन्होंने बाहर से ताला लगा दिया। कमरे के अंदर मौजूद मोहम्मद आरिफ ने तमंचे के बल पर पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने बचाव में पास पड़ी ईंट से ताला तोड़ने की कोशिश की और चीख-पुकार मचाई, जिसके बाद मोहल्ले के लोगों ने उसे बचाया। इसी बीच, आरोपी ने पीड़िता का एक वीडियो बनाकर उसके पति के नंबर पर भेज दिया, जिसके कारण पीड़िता के पति ने उसे तलाक दे दिया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए महिला के कोर्ट में बयान दर्ज कराए और आरोप पत्र दाखिल किया। गुरुवार को अदालत ने मोहम्मद आरिफ को दोषी पाते हुए सजा सुनाई, जबकि उसके भाई शेर मोहम्मद और मां महताब जहां को ठोस सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।