शाहजहांपुर में एक शादी समारोह उस समय चर्चा का विषय बन गया जब दूल्हा कुर्सी पर बैठते समय लड़खड़ाकर गिर गया। यह देखकर दुल्हन ने शादी करने से इनकार कर दिया। इसके बाद दूल्हे को बिना दुल्हन के ही बारात वापस लौटानी पड़ी। यह घटना थाना बंडा क्षेत्र के एक गांव की है। यहां की एक युवती की शादी पास के गांव के युवक से तय हुई थी। शनिवार रात बारात धूमधाम से दुल्हन के घर पहुंची, जहां उनका स्वागत किया गया। द्वारचार और कुछ रस्मों के बाद, जब दूल्हे को दुल्हन के पास वाली कुर्सी पर बैठाया गया, तो वह लड़खड़ाकर गिर गया। उसे उठाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह फिर से गिर पड़ा। इस घटना के बाद दूल्हे के दिव्यांग होने की बात सामने आई, जो दुल्हन तक पहुंच गई। दुल्हन ने सात फेरे लेने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस हुई और पूरी रात पंचायत चलती रही, लेकिन दुल्हन अपने फैसले पर अड़ी रही। दुल्हन पक्ष के अनुसार, शादी की तैयारियों में लाखों रुपये खर्च किए गए थे, जिसमें खाने-पीने की व्यवस्था और दहेज का इंतजाम शामिल था। उनका आरोप है कि जब शादी तय हुई थी, तब युवक को पूरी तरह स्वस्थ दिखाया गया था, लेकिन अब जब वह दूल्हा बनकर आया तो उसे दिव्यांग बताया जा रहा है। दुल्हन पक्ष ने इसे दूल्हे पक्ष द्वारा किया गया धोखा बताया। फिलहाल, दूल्हा बिना दुल्हन के ही वापस लौट गया। पुलिस के अनुसार, थाने में इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है। पुलिस ने कहा कि यदि कोई शिकायत मिलती है, तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।