मथुरा के द्वारकाधीश मंदिर में होली महोत्सव की तैयारियां पारंपरिक विधि-विधान से शुरू हो गई हैं। मंदिर परिसर में होली का डाड़ा स्थापित किया गया। यह जानकारी मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश एडवोकेट ने दी। पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के इस प्रमुख मंदिर में गोस्वामी श्रीश्री 108 डॉ. वागीश कुमारजी महाराज के निर्देशन में उत्सवों का निर्धारण होता है। ब्रजमंडल में सामान्यतः बसंत पंचमी से होली का डाड़ा गाड़ने की परंपरा है, लेकिन द्वारकाधीश मंदिर में यह फाल्गुन पूर्णिमा के दिन किया जाता है। सोमवार शाम शयन आरती के दौरान होली के डाड़े का विधिवत पूजन संपन्न हुआ। इस पूजन में मंदिर के अधिकारी वैद्य अशोक कुमार शर्मा, सत्यनारायण शर्मा और मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट शामिल हुए। पूजन विधि मंदिर के सेवाधिकारी अजय तेलंग ने संपन्न कराई। डाड़ा स्थापित होने के बाद अगले दिन पड़वा से ब्रज की प्रसिद्ध रसिया गायन परंपरा का शुभारंभ होता है। इसी के साथ मंदिर में होली महोत्सव की औपचारिक तैयारियां शुरू हो गई हैं। मीडिया प्रभारी ने बताया कि मंगलवार को सुबह 10 से 11 बजे तक राजभोग दर्शनों के दौरान ‘ब्रज फाग द्वारकेश मंडल’ के कलाकार होली पदों का गायन करेंगे। यह प्रस्तुति ब्रज की सांस्कृतिक और भक्ति परंपरा को दर्शाएगी। द्वारकाधीश मंदिर का यह होली उत्सव देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है, जहां वे ठाकुरजी के साथ ब्रज की रसपूर्ण होली का आनंद लेते हैं।