नगर निगम के समाधान दिवस में महिला की तबीयत बिगड़ी:लिफ्ट खराब होने से सीढ़ियां चढ़ने पर फूली सांस, लखनऊ मेयर ने अफसरों को फटकारा

लखनऊ नगर निगम के समाधान दिवस में महिला फरियादी की तबीयत बिगड़ गई। लिफ्ट खराब होने के कारण वह सीढ़ियां चढ़कर सेकंड फ्लोर पर आयोजित समाधान दिवस में पहुंची थीं। सांस फूलने की वजह से वह हॉल में ही बैठ गई। उसे कुर्सी पर बैठाकर नीचे उतारा गया। 90 साल की बुजुर्ग महिला भी सीढ़ियां चढ़कर ऊपर पहुंची। इस पर मेयर सुषमा खर्कवाल ने अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि आप लोगों की मानवता खत्म हो चुकी है क्या? समाधान दिवस में मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। कुछ फरियादियों ने समस्या का समाधान न होने पर नाराजगी जाहिर की। 60 साल के बुर्जुग ने कहा- 8 बार चक्कर लगा चुका हूं। समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। जान दे दूं क्या? सीढ़ियां चढ़ने से महिला की तबीयत बिगड़ी वजीरगंज की रहने वाली राम दुलारी का कहना है कि 15 हजार हाउस टैक्स आया है। इसके कारण परेशानी हो रही। दैनिक भास्कर ऐप से बात करते हुए उन्होंने कहा कि लिफ्ट खराब थी। सीढ़ियां चढ़कर ऊपर गई। इससे सांस फूलने लगी। तबीयत खराब हो गई। ईटीएफ बल के कर्मचारी कुर्सी पर बैठाकर सीढ़ियों से लेकर नीचे पहुंचे। कुछ देर बाद उनकी तबीयत ठीक हुई। 90 साल की बुजुर्ग सीढ़ियों से सेकंड फ्लोर पर पहुंची दरियापुर, तालकटोरा निवासी विशुना (90) सीढ़ियों से सेकंड फ्लोर पर पहुंचीं। मेयर ने अफसरों को उनकी समस्या दूर करने का निर्देश दिया। दरअसल, उनका एक कमरे का मकान है, जिसका तीन साल से हाउस टैक्स नहीं जमा हुआ है। उनका बिल कुल 972 रुपए आया है। वह राहत देने की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि घर परिवार में कोई नहीं है। अकेले ही आना पड़ा। इतना दौड़े कि फाइलें अब गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज होगी स्टेशन रोड निवासी 60 वर्षीय अशोक कुमार भार्गव ने अपनी समस्या सुनाई। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश पर उनकी दुकान 2021 से 2025 तक बंद थी। 2003 से 2013 तक भी दुकान बंद थी। इस दौरान हाउस टैक्स माफ किया गया था, लेकिन अब नहीं हो रहा है। हम ऐसे ही परेशान हैं। अब दुकान खुली तो टैक्स लगा दिया है। डेढ़ लाख रुपए टैक्स लगा दिया गया है। अब आख्या तैयार हो गई है, तो अधिकारी दस्तखत नहीं कर रहे हैं। हार्ट का मरीज हूं। बायपास सर्जरी हो चुकी है। 12 फाइल हमारे मामले की बन चुकी है। इसका गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज होना चाहिए। एक फाइल खो भी गई है। नगर निगम से इसका मुकदमा दर्ज होना चाहिए। जलकल विभाग के बाबू ने अतिक्रमण किया है तकरोही से बब्बन राजभर नगर निगम मुख्यालय पहुंचे। उनका कहना है कि उनके क्षेत्र में जलकल विभाग में तैनात एक कर्मचारी (बाबू )ने नाली की जमीन पर अतिक्रमण कर उसके ऊपर छत डाल दी है। पिछले 1 साल से दौड़ रहा हूं। नगर निगम की टीम मौके पर जाती है। उस बाबू के घर पर बैठकर चाय पानी पीकर वापस आ जाती है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने जोन के अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्हें अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। इसकी रिपोर्ट भी मांगी। मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम किया गया लागू
(MIS) मैनेजमेंट इनफार्मेशन सिस्टम से संपूर्ण समाधान दिवस में आने वाली शिकायत का अब निस्तारण किया जाएगा। अपर नगर आयुक्त ललित कुमार ने बताया कि नाम, मोबाइल नंबर और संबंधित विभाग का नाम दर्ज होगा। इसके बाद मैनुअल मोड से संबंधित विभाग के लोगों के पास में जाएगा। ऑनलाइन भी इसको देखा जाएगा। इसको मैनुअल और ऑनलाइन तरीके से निस्तारण किया जाएगा। वहीं, मेयर और नगर आयुक्त गौरव कुमार भी इसे ट्रैक कर सकेंगे कि शिकायत के बाद क्या किया जाएगा। समाधान दिवस में कुल 220 शिकायतों पर सुनवाई नगर निगम के अनुसार, संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 220 शिकायतों पर सुनवाई की गई। गृहकर और जलकर से संबंधित कुल 162 शिकायतें पहुंचीं। गृहकर आपत्तियों में जोन-1 से 56, जोन-2 से 7, जोन-3 से 19, जोन-4 से 12, जोन-5 से 8, जोन-6 से 16, जोन-7 से 13 और जोन-8 से 9 आपत्तियां लोगों ने कीं। इसके अलावा, 58 शिकायतें सफाई व्यवस्था, कूड़ा उठान, सड़क-गली मरम्मत, सीवर-ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण और जलापूर्ति से संबंधित रहीं, जिनकी भी सुनवाई की गई। संबंधित अधिकारियों को जरूरी एक्शन के लिए निर्देश दिए गए। अपर नगर आयुक्त ललित कुमार ने बताया- लिफ्ट को शाम तक सही कराया जाएगा। इसके लिए संबंधित कंपनी से पूरी जानकारी ली जाएगी। पिछले 15 दिनों में लिफ्ट नहीं बनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि लिफ्ट मेंटिनेंस के जो रेट पहले आए थे, उसको लेकर दिक्कत हुई थी। नगर आयुक्त का निर्देश आया है। इसे तुरंत सही किया जाएगा।