बागपत न्यायालय ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में एक आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह घटना वर्ष 2022 में बिनौली थाना क्षेत्र में हुई थी। आरोपी मोनू पुत्र राजवीर, जो मवीकला गांव का निवासी है, उसने 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर घर से अगवा कर लिया था। इसके बाद उसने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता के भाई की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान अपहरण के साथ दुष्कर्म की धाराएं भी जोड़ी गईं। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया था। यह मामला वर्ष 2022 से न्यायालय में विचाराधीन था। न्यायालय ने सभी गवाहों की गवाही और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अपना फैसला सुनाया। आरोपी मोनू को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। एडीजीसी इंद्रपाल ने बताया कि न्यायालय ने सभी गवाहों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया है। आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा मिली है।