निलंबित PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने आरोप पत्र लिया:UGC नियमों के विरोध में दिया था इस्तीफा, जवाब के लिए एक महीने का समय मांगा

उत्तर प्रदेश के निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को शामली कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में अपने खिलाफ जारी आरोप पत्र प्राप्त किया। अग्निहोत्री को यूजीसी के नए नियमों, कथित धार्मिक अपमान और एससी/एसटी एक्ट के विरोध में पद से इस्तीफा देने के बाद शासन द्वारा निलंबित किया गया था। उनके इस्तीफे के बाद, शामली के जिलाधिकारी ने उन्हें एक नोटिस जारी किया था, जिसमें बरेली कमिश्नर को मामले का जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। इस दौरान, अग्निहोत्री ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने देश की 562 रियासतों को एकजुट किया था, लेकिन “ये दो नए गुजराती देश को तोड़ने आए हैं।” उन्होंने केंद्र सरकार पर ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति लागू कर देश को खत्म करने का आरोप लगाया। अग्निहोत्री ने यह भी दोहराया कि सरकार की इन नीतियों के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी। आरोप पत्र प्राप्त करने के बाद, निलंबित पीसीएस अधिकारी ने इसका जवाब दाखिल करने के लिए जिलाधिकारी से लगभग एक माह का समय मांगा है।
इस दौरान उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक गुजराती सरदार वल्लभभाई पटेल थे, जिन्होंने देश की 562 रियासतों को जोड़ने का काम किया, लेकिन आज के ये नए गुजराती देश को तोड़ने आए हैं। केंद्र सरकार ‘डिवाइड एंड रूल’ की नीति अपनाकर देश को कमजोर करना चाहती है। हालांकि, सरकार की इन गलत नीतियों के खिलाफ लड़ाई लगातार जारी रहेगी। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि सनातन को मानने वाले करीब 85 प्रतिशत जनरल और ओबीसी समाज को दरकिनार करते हुए सरकार ने 2018 में सुभाष काशीनाथ महाजन बनाम महाराष्ट्र प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को निष्प्रभावी करने के लिए संसद में विधेयक लाकर एससी-एसटी एक्ट को और सख्त कर दिया। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इसे लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए थे। उन्होंने सरकार को नाम की सनातनी बताते हुए इसे सबसे बड़ा सनातन विरोधी करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की योजनाओं का पैसा ठेकेदारी व्यवस्था के जरिए लूटा जा रहा है, जिसका परिणाम क्षेत्र में जगह-जगह पानी की टंकियों का गिरना और टूटना है। यह सब भ्रष्टाचार का उदाहरण है। माघ मेले की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे ब्राह्मण समाज से आते हैं और चोटी सनातन का प्रतीक है, लेकिन जिस तरह से चोटी पकड़कर घसीटते हुए पिटाई की गई, उस पर ब्राह्मण समाज के सांसद और विधायक पूरी तरह खामोश हैं। उन्होंने कहा कि देश में लागू एससी-एसटी एक्ट एक काला कानून बन चुका है, जिसके तहत जनरल और ओबीसी समाज के गरीब लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है और वसूली की जा रही है। उनका दावा है कि इस कानून के तहत दर्ज करीब 95 प्रतिशत मामले फर्जी होते हैं। हाल ही में दरभंगा में 150 लोगों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए गए, जो इसके दुरुपयोग को दर्शाता है। अलंकार अग्निहोत्री ने दावा किया कि सरकार की इन नीतियों के कारण जनरल और ओबीसी मतदाता पूरी तरह सरकार से दूर हो चुके हैं। यदि आज चुनाव हुए तो केंद्र सरकार एक भी सीट नहीं जीत पाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इन मुद्दों को लेकर देशव्यापी आंदोलन होंगे और उनकी यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।