‘पत्नी को देखकर नर्वस हो गया, इसलिए भाग गया’:मेरठ में सुहागरात से पहले घर से भागने वाले दूल्हे की आपबीती

‘मैं सुहागरात पर नर्वस हो गया था। थोड़ा डर गया था। इसलिए तनाव में था। तभी पत्नी ने कहा कि बल्ब ले आओ। मुझे घर से निकलने का मौका मिल गया। मैं घर से निकल गया। रातभर मैं नदी किनारे बैठा रहा। फिर 28 नवंबर को बस से मैं हरिद्वार पहुंच गया। सोमवार (1 दिसंबर) को मुझे घर की याद आई। एक यात्री से फोन लेकर मैंने अब्बू को फोन किया। कहा- अब्बू, मैं हरिद्वार हूं। मुझे यहां से ले जाओ। फिर पुलिस मुझे घर लेकर आ गई।’ ये बातें मेरठ के दूल्हे मोहसिन ने पुलिस से कहीं। मोहसिन, सुहागरात पर घर से बिना बताए गायब हो गया था। तब से घर वाले और पुलिस मोहसिन की तलाश कर रही थी। दरअसल, 26 नवंबर को मोहसिन उर्फ मोनू का निकाह हुआ था। वह बारात लेकर सरधना से मुजफ्फरनगर के खतौली गया था। 27 नवंबर को मोहसिन अपनी दुल्हन की विदाई कराकर घर लाया। परिजनों ने बताया- सुहागरात से पहले वह रात 12 बजे बल्ब लेने घर से निकला था। फिर नहीं लौटा। नई दुल्हन रातभर पति की राह देखती रही। दूसरे दिन परिवार ने पुलिस में उसकी मिसिंग कंप्लेन फाइल कराई। हालांकि, 1 दिसंबर को मोहसिन हरिद्वार में मिल गया। मोहसिन 27 नवंबर की रात कहां रुका? हरिद्वार कब और कैसे पहुंचा? हरिद्वार में वह कहां-कहां रुका? पुलिस और परिजन उस तक कैसे पहुंचे? यह जानने के लिए दैनिक भास्कर ने पुलिस, मोहसिन और उसके घरवालों से बात की। पढ़िए रिपोर्ट… हरिद्वार से मोहसिन ने पिता को फोन किया
सरधना थाना क्षेत्र के मोहल्ला ऊंचापुर निवासी सईद अब्बासी, सोमवार सुबह गंगनहर के पास अपने बेटे मोहसिन को खोज रहे थे। साथ में पुलिसवाले भी थे। इसी बीच करीब 8.30 बजे सईद के मोबाइल की घंटी बजी। कॉल रिसीव करते ही दूसरी तरफ से आवाज आई- अब्बू, मैं मोहसिन बोल रहा हूं। मुझे अच्छा नहीं लग रहा। मुझे यहां आकर ले जाओ। सईद ने पूछा- बेटा कहां हो? मोहसिन ने जवाब दिया- मैं हरिद्वार में हूं। सईद ने पूछा- ये नंबर किसका है? उससे मेरी बात कराओ। मोहसिन ने बताया कि यह राहगीर हैं, उन्हीं के फोन से मैंने कॉल किया है। फिर सईद ने उस राहगीर से बात की। उससे कहा कि मेरे बेटे को पास की कोई पुलिस चौकी तक पहुंचा दीजिए। उस राहगीर ने मोहसिन को हरिद्वार जीआरपी के हवाले करके उसके पिता को बता दिया। इसके बाद सईद ने पुलिस को इस बारे में बताया। मेरठ पुलिस, मोहसिन के पिता और उसके ससुराल वाले हरिद्वार पहुंचे। देर शाम मोहसिन को लेकर मेरठ आए। मेरठ पहुंचने के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की। मोहसिन बोला- मैं रातभर नहर किनारे बैठा रहा
मोहसिन ने बताया- मैं मानसिक तनाव में था। इसलिए सुहागरात वाले दिन नहर की तरफ आ गया। काफी देर तक मैं नहर के आसपास घूमता रहा। कई बार मैंने सोचा कि घर लौट जाऊं, लेकिन घबराहट में नहीं लौट पाया। मैं लोकल बस में बैठकर नानू नहर पर पहुंचा। यहां से दूसरी बस पकड़कर मेरठ के भैंसाली बस अड्‌डे पर आ गया। वहां हरिद्वार जाने वाली बस दिखी। मैं बस से 28 नवंबर को हरिद्वार पहुंच गया। वहां पहुंचने के बाद मैंने सोचा कि घर लौट जाऊं। ये सोचकर मैं रेलवे स्टेशन गया। लेकिन मैं घर से बिना बताकर आया था, ये ख्याल आया। फिर मैं वहीं रुक गया। हरिद्वार रेलवे स्टेशन के आसपास मैंने 3 रातें गुजारीं। मैं जब घर से निकला था, तब मेरे पास एक हजार रुपए थे। उसी से मैंने एक जैकेट ली। उन्हीं पैसों से मैं खाता-पीता रहा। मोहसिन ने पिता से पूछा- मेरी पत्नी कहां है
पिता से मिलते ही मोहसिन ने सबसे पहले अपनी पत्नी के बारे में पूछा। कहा- अब्बू मेरी पत्नी कैसी है? वो घर पर है या नहीं? कहां है? वो कुछ कह तो नहीं रही थी। मोहसिन को पिता ने बताया कि पत्नी को तुम्हारी चिंता थी, वो सही है। अभी वो अपने मायके में है। इसके बाद पुलिस उसे लेकर मेरठ आ गई। मोहसिन को देखते ही मां ने गले लगाया
मेरठ पहुंचने के बाद पुलिस ने पूछताछ कर मोहसिन को उसके घरवालों के हवाले कर दिया। मोहसिन को देखते उसकी मां फरीदा ने गले लगा लिया। सीओ सरधना आशुतोष ने बताया- मिसिंग दूल्हे को सकुशल घर वापस लाया गया। पुलिस उसे तलाश कर हरिद्वार से वापस लाई। दूल्हे से पूछताछ की गई। उसने बताया कि घबराहट की वजह से घर से चला गया था। अब सिलसिलेवार पूरी घटना समझिए… …………………………. ये खबर भी पढ़ें… कार से टक्कर, 15 फीट उछलकर गिरे बाप-बेटे, VIDEO:बिजनौर में बोनट में फंसकर क्लर्क 30 मीटर घिसटा, मौत यूपी के बिजनौर में कार और बाइक की आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में बाइक सवार इंटर कॉलेज के क्लर्क की मौत हो गई, जबकि बाप-बेटे गंभीर रूप से घायल हैं। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाप-बेटे 15 फीट ऊपर उछलकर गिरे। पढ़ें पूरी खबर…