मेरठ में एक पति-पत्नी सिर्फ इसलिए एक-दूसरे से अलग हो गए, क्योंकि पत्नी को पनीर टिक्का बनाना नहीं आता था। पत्नी रोज-रोज आलू बैगन और आलू टमाटर की सब्जी ही बनाती थी। यह बात पति को पसंद नहीं थी और अक्सर दोनों के बीच झगड़ा होता था। मामला इतना बढ़ा कि शनिवार को परिवार परामर्श केंद्र तक पहुंच गया। यहां पति ने कहा कि मुझे पनीर टिक्का पसंद है, लेकिन पत्नी बना नहीं पाती। वहीं, पत्नी का कहना था कि पति मेरे बनाए खाने की कद्र नहीं करता। आखिरकार दोनों ने कोर्ट के बाहर समझौते से अलग होने का फैसला कर लिया। अब जानिए पूरा मामला मेरठ के परतापुर में रहने वाली स्वीटी की शादी 4 साल पहले दिल्ली के शाहदरा निवासी कमल से हुई थी। कमल एक जूता फैक्ट्री में काम करता है। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच झगड़े शुरू हो गए। कमल का कहना था कि पत्नी मजेदार खाना नहीं बना पाती। वहीं, स्वीटी ने आरोप लगाया कि पति उसके बनाए खाने की कद्र नहीं करता। धीरे-धीरे खाने को लेकर रोजाना झगड़े होने लगे। परिवार बोला- पति की मारपीट से अबॉर्शन हुआ
स्वीटी के परिवारवालों का कहना है कि उन्होंने कई बार कमल को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह मारपीट से बाज नहीं आया। इस दौरान स्वीटी प्रेग्नेंट भी हुई थी। लेकिन, झगड़े और मारपीट की वजह से उसका अबॉर्शन हो गया। इसके बाद हम लोग उसे मायके ले आए। बढ़ते विवाद को देखते हुए दोनों परिवारों ने उन्हें परिवार परामर्श केंद्र भेजा। यहां दो बार काउंसलिंग कराई गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। तीसरी सुनवाई में दोनों ने तलाक का फैसला ले लिया। स्वीटी के माता-पिता नहीं हैं, वह अपने भाई-भाभी के साथ रहती है। स्वीटी का कहना है कि कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने से अच्छा है कि बाहर ही समझौता कर लिया जाए। क्योंकि, अब न वह पति के घर जाना चाहती है और न ही कमल उसे रखना चाहता है। अब जानिए दोनों ने क्या कहा स्वीटी बोली- पति छोटी-छोटी बातों पर मारपीट करते हैं
स्वीटी का कहना है- शादी के बाद कमल का रवैया पूरी तरह बदल गया। वह छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करता और मारपीट करने लगता था। कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन हालात बिगड़ते चले गए। एक बार जब मैं गर्भवती थी, तब भी कमल ने झगड़ा किया। इससे मेरा अबॉर्शन हो गया। उसके बाद मैंने ससुराल छोड़ दी। अब मैं उस घर में वापस नहीं जाना चाहती, जहां सिर्फ दर्द और अपमान मिला है। कमल बोला- रात-रात भर मोबाइल में चैटिंग करती है
पति कमल ने बताया- मैंने कभी स्वीटी के साथ गलत व्यवहार नहीं किया, परिवार को साथ रखने की कोशिश की। स्वीटी हर बात पर गुस्सा करती थी। वह मायकेवालों के कहने पर घर छोड़कर चली गई। स्वीटी को मोबाइल पर देर रात तक चैटिंग की आदत थी। इसको लेकर हमारा झगड़ा होता था। मैंने कई बार स्वीटी को मायके से वापस लाने की कोशिश की, लेकिन वह तैयार नहीं हुई। अब हम दोनों को रिश्ते में विश्वास नहीं बचा, इसलिए दोनों का अलग होना ही ठीक है। काउंसलर बोले- दोनों में समझौते की गुंजाइश खत्म
काउंसलर मुकेश गुप्ता ने बताया कि दोनों की दो बार काउंसलिंग कराई गई थी, लेकिन हर बार झगड़ा बढ़ गया। ऐसे में दोनों के बीच साथ रहने की गुंजाइश खत्म हो गई। दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से एक-दूसरे का सामान लौटाने और अलग होने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि आजकल नवदंपतियों में झगड़ों की बड़ी वजह मोबाइल फोन और एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर बन रहे हैं। ये रिश्तों को टूटने की कगार पर पहुंचा रहे हैं। दंपती के बीच संवाद और समझ की कमी ने छोटे से मुद्दे को बड़ा बना दिया। अब दोनों ने साथ रहने से साफ इनकार कर दिया है। ———————- ये खबर भी पढ़ें… दोस्त की बीवी का खर्च उठाता था BJP नेता:प्रयागराज में हर महीने मोटी रकम देता; अवैध संबंधों का पता चलने पर हुई हत्या प्रयागराज में BJP नेता रणधीर सिंह यादव की हत्या के बाद लव अफेयर के नए फैक्ट सामने आए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि रणधीर सिंह यादव का लव अफेयर उसकी हत्या के मुख्य आरोपी डॉ. उदय की पत्नी अंजली से था।रणधीर अपने बैंक अकाउंट से हर महीने एक फिक्स रकम अंजली को ट्रांसफर करता था। पुलिस मान रही है कि अंजली इस रकम को अपनी जरूरतों पर खर्च करती होगी। पढे़ं पूरी खबर…