पहले मिला कटा हाथ, दूसरे दिन सड़ी-गली मिली लाश:झांसी में 22 दिन पहले लापता हुई थी महिला, बेटे ने कपड़ों से शिनाख्त की

झांसी में 22 दिन से लापता एक महिला का शव सड़े गले हालत में मिला है। शुक्रवार रात महिला का कटा हाथ मिला, उसके अगले दिन लगभग 100 मीटर दूर झाड़ियों में महिला की पूरी लाश मिली। शव की पहचान नहीं हो पाने के कारण पुलिस ने इसे मॉर्चुरी में रखवा दिया। रविवार को परिजन मॉर्चुरी पहुंचे और महिला की पहचान उसके कपड़ों के आधार पर की। मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमॉर्टम के भेज दिया है। साथ ही मामले की जांच जारी है। यह पूरा मामला मोंठ कस्बे के केसर वाटिका गार्डन के पास का है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला…. महिला के पति की मौत हो चुकी है
महिला की पहचान रानी देवी (40) पत्नी लालदास के रूप में हुई है। वह समथर थाना क्षेत्र के बरनाया गांव की रहने वाली थीं। महिला के भतीजे छोटू राजपूत ने बताया- बड़ी मम्मी रानी देवी मानसिक रूप से कमजोर थी। 2019 में उनके पति की मृत्यु हो गई थी। बड़ी मम्मी घर का सारा काम करती थी। 22 नवंबर को वे बिना बताए घर से चली गई थीं। इसके बाद आस-पास के इलाके और रिश्तेदारी में तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पहले कभी बड़ी मम्मी अकेले घर से बाहर नहीं गई थीं, इसलिए चिंता होने लगी। ढूंढने पर नहीं मिलीं, तो 2 दिन बाद समथर थाने में लापता दर्ज कराई गई। पहले हाथ और फिर महिला की लाश मिली 12 दिसंबर की रात मोठ के केसर वाटिका गार्डन के पास शादी में काफी लोग इकट्ठा थे। इसी बीच एक युवक ने सड़क किनारे कटा पड़ा हाथ देखा और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर मोठ पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने हाथ को कब्जे में लिया और महिला के शव की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन यानी 13 दिसंबर को महिला का शव झाड़ियों में पड़ा मिला। जिस स्थान पर कटा हाथ मिला था, उससे लगभग 100 मीटर दूर शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव लगभग 10 से 15 दिन पुराना था। पहचान न होने के कारण पुलिस ने शव को मॉर्च्युरी में रखवा दिया। पुलिस महिला के परिजनों की तलाश कर रही थी। इसी बीच यह जानकारी मिली कि रानी देवी लापता हैं। सूचना पर रानी देवी के बेटे विशाल और भतीजा छोटू राजपूत झांसी मेडिकल कॉलेज स्थित मॉर्च्युरी पहुंचे। यहां बेटे विशाल ने शव के कपड़ों से अपनी मां रानी देवी की पहचान की। भतीजे छोटू राजपूत ने कहा- लाश की स्थिति बहुत खराब है भतीजे छोटू राजपूत ने कहा-यह हादसा है या कुछ और अभी कहा नहीं जा सकता। लाश की स्थिति बहुत खराब है। रानी देवी के 2 बच्चे हैं। बड़ी बेटी दीक्षा (20) और छोटा बेटा विशाल (18) दोनों पढ़ाई कर रहे हैं। सीओ बोले- मौत का कारण पोस्टमॉर्टम से पता चलेगा मोठ के सीओ अजय श्रोत्रीय ने बताया- महिला मानसिक रूप से कमजोर थी और उसका इलाज भी चल रहा था। अभी मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। पंचनामा भरकर शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। पोस्टमॉर्टम के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो पाएगी। ————- ये भी पढ़ें- मां की अस्थियां लेकर जा रहे 3 बेटों की मौत:बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर बस से टकराई बोलेरो, हमीरपुर में भतीजे की भी जान गई हमीरपुर में मां की अस्थियां विसर्जित करने जा रहे 3 बेटे समेत 4 लोगों की मौत हो गई। इनमें एक भतीजा है। परिवार के 3 लोग घायल हैं। मां की 7 दिसंबर को कैंसर के चलते मौत हुई थी। रविवार सुबह परिवार महोबा से बोलेरो में अस्थियां लेकर प्रयागराज संगम जा रहा था। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर कोहरे के चलते स्लीपर बस ने बोलेरो को पीछे से टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि एक युवक का चेहरा पूरी तरह पिस गया। लाश देखकर चचेरा भाई कांप गया। वह पास में ही बैठकर रोता रहा। पढ़िए पूरी खबर….