पार्षद बोलीं- भूख हड़ताल करूंगी, उनके वार्ड के हालात देखिए:वाटर लाइन में सीवर का पानी आ रहा, 20 हजार लोग परेशान, 1 किमी जाकर पानी लाते हैं

‘मेरे वार्ड में इंदौर जैसे हालात हो गए हैं। पेयजल लाइन से मलमूत्र वाला पानी आ रहा है। मेट्रो की लापरवाही के कारण पेयजल लाइनें टूटी हैं और यह समस्या पिछले 2 सालों से बनी है। मै गर्भवती हूं, लेकिन अब भूख हड़ताल करुंगी। अगर मुझे या मेरे बच्चे को कुछ हुआ तो इसके जिम्मेदार मेट्रो और जलकल विभाग होगा।’ यह कहना है वार्ड-14 की पार्षद शालू सुनील कनौजिया का, जिसके वार्ड के 20 हजार लोग लगातार गंदे पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। अब उन्होंने अपने वार्ड वासियों के लिए भूख हड़ताल करने की बात कही है। भास्कर ने जब वार्ड में पहुंचकर हालात जाने तो वार्ड में हालात काफी खराब मिले। स्थान 1 – जूही बंबुरहिया गौतमबुद्ध नगर इलाके की आबादी की आबादी लगभग 4000 है और यहां पीने के पानी के लिए वाटर लाइन बिछी हुई है। हर घर में पीने के पानी का कनेक्शन है। लेकिन पिछले 2 महीने से लगातार काला और बदबूदार पानी इलाके में सप्लाई हो रहा है। जो पीना तो दूर नहाने योग्य भी नहीं है। स्थान 2 – जूही राखी मंडी वार्ड 14 के जूही राखी मंडी इलाके में पिछले 6 महीने से लगातार गंदा पानी आ रहा है। लोगों ने बताया कि पानी में कीड़-मकौड़े भी आते हैं, जिसके कारण पानी भरने का भी मन नहीं करता है। पीने के लिए लोग खरीदकर पानी मंगवा रहे हैं। जिससे बीमारी से बचा जा सके। वार्ड में 20 हजार की आबादी प्रभावित वार्ड-14 के पार्षद के पति और इलाके के पूर्व पार्षद सुनील कनौजिया ने बताया कि इलाके की आबादी 80 हजार है। इसमें विनोवा नगर, संत रविदास नगर, बुद्ध विहार और राखी मंडी में लगातार गंदा पानी आ रहा है। इसके अलावा भी कई इलाकों में गंदे पानी की समस्या हो रही है। वार्ड की लगभग 20-25 हजार की आबादी गंदे पानी से पीड़ित है। एक किलोमीटर दूर से ला रहे पानी गौतमबुद्ध नगर के लोगों ने बताया कि गंदे पानी के कारण लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इलाके में एक सबमर्सिबल है, उसी पर 5 हजार लोग निर्भर हैं। यह भी कभी-कभी खराब हो जाता है। तब लोगों को एक किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ता है। वहीं राखी मंडी के लोगों ने बताया कि इलाके में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। पार्षद और जलकल विभाग की ओर से टैंकर भेजे जाते हैं। टैंकर आने में देरी हो जाती है तो लोगों को परेशान होना पड़ता है। पीने के लिए खरीदकर बोतलें मंगवाई जाती हैं। इलाके में गंदे पानी के कारण बीमारियां भी फैल रही हैं। मेट्रो की खुदाई में टूट गई हैं लाइनें वार्ड पार्षद ने बताया कि इलाके में मेट्रों के काम के कारण वाटर लाइनें टूट गर्इ हैं। वाटर लाइन टूटने के कारण लगातार गंदा पानी आ रहा है। सीवर का पानी भी पेयजल लाइनों में भर जाता है और यही सप्लाई हो जाता है। लेकिन मेट्रो के अधिकारी इसे सुधारने के लिए कोई काम नहीं कर रहे हैं। सीवर से गुजर रही हैं वाटर लाइनें इलाके में जिन वाटर लाइनों से पानी सप्लाई होता है, वह सीवर लाइनों के अंदर से होकर गुजर रही हैं। सीवर के अंदर से गुजरने के कारण भी लगातार इलाके में गंदे पानी की समस्या हो रही है। लोगों ने बताया कि कई लाइनें लीक हैं, जिसके कारण सीवर का पानी इसमें मिक्स हो रहा है। जलकल विभाग ने लाइनें बिछाने के दौरान लापरवाही की थी, जिसके कारण यह दिक्कत बनी हुई है। इलाके के लोगों ने क्या कहा, आगे पढ़िए-