पीलीभीत में बाघ ने खेत में रखवाली कर रहे किसान पर हमला कर दिया। जबड़े में दबोचकर उसे जंगल में खींच ले गया और मारकर आधा शव खा गया। 10 घंटे बाद बाघ अधखाए शव को फिर से घसीटकर ले जा रहा था, तभी वनकर्मियों की नजर उस पर पड़ी। उन्होंने शोर मचाया, लेकिन पास जाने की हिम्मत नहीं हुई। 2 घंटे तक सर्च अभियान चलाया। इसके बाद किसान का अधखाया शव जंगल में मिला। वनकर्मियों के मुताबिक, दोनों पैर और एक हाथ गायब था। 200 मीटर दूर दोनों पैर मिले, वहीं बाघ के पंजों और घसीटने के निशान भी दिखाई दिए। घटना जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर पूरनपुर थाना क्षेत्र की है। किसान की पहचान नवदिया गांव के छोटेलाल (47) के रूप में हुई है। घरवालों ने बताया कि मंगलवार सुबह छोटेलाल खेत की रखवाली करने गए थे, लेकिन रात तक घर नहीं लौटे। बुधवार सुबह वन विभाग ने जानकारी दी कि बाघ उन्हें उठा ले गया। वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए ट्रेसिंग शुरू कर दी है। बाघ के हमले से जुड़ी 3 तस्वीरें… सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी घटना…. पूरनपुर थाना क्षेत्र के नवदिया गांव निवासी छोटेलाल मंगलवार सुबह 7 बजे खेतों की रखवाली के लिए घर से निकले थे। उनके खेत के सामने पताबोझी वन चौकी है। वहां तैनात कर्मचारियों ने बताया कि मंगलवार रात 8 बजे छोटेलाल के खेत में मोर घुस आए। छोटेलाल आवाज लगाकर उन्हें खदेड़ने लगे। हम लोगों ने उन्हें आवाज न करने को कहा, तभी झाड़ियों में छिपे बाघ ने हमला कर दिया। खाने के बाद बाघ आधे शव को छोड़कर जंगल में भाग गया। हमने काफी खोजबीन की, लेकिन छोटेलाल का पता नहीं चला। बुधवार सुबह बाकी हिस्से को खाने के लिए बाघ फिर लौटा। आधे शव को घसीटता हुआ लेकर जा रहा था, तभी हमारी नजर उस पर पड़ी। इसके बाद छोटेलाल के परिजनों और ग्रामीणों को सूचना दी गई। करीब दो घंटे के सर्च अभियान में खेत से 100 मीटर की दूरी पर खून के निशान मिले। इसके बाद घने जंगल में अधखाया धड़ बरामद हुआ। 200 मीटर के दायरे में हाथ और दोनों पैर मिले। हर दिन खेत में ही सोते थे छोटेलाल परिजनों ने बताया कि छोटेलाल रोज शाम को खेत की रखवाली के लिए जाते थे। रात 9 बजे खाना खाने घर लौटते, फिर खेत में सोने चले जाते थे। सुबह 5 से 5:30 बजे तक घर लौट आते थे। लेकिन बुधवार सुबह 6 बजे तक नहीं लौटे, तभी वन विभाग से सूचना मिली कि बाघ उन्हें उठा ले गया। बाघ को देखकर वन चौकी बंद कर भाग गए कर्मचारी- जीजा
छोटेलाल के जीजा मंगनी लाल ने बताया- जब रात को घटना हुई तो बाघ को देखकर वन कर्मचारी चौकी को बंद करके मौके से भाग गए थे। सुबह में आकर हमें बताया कि छोटेलाल को बाघ उठा ले गया है। हमें खेत में उनकी चप्पलें भी मिलीं। सात साल पहले मां की मौत, अब बाप का साया भी सिर से उठा- बेटी
छोटेलाल की 16 साल की बेटी छोटी ने बताया- 7 साल पहले मां शारदा की भी बीमारी से मौत हो गई थी। अब पापा को भी बाघ खा गया। परिवार में मैं और 10 साल का भाई आकाश ही बचे हैं। कहां जाएं। अब हमें देखने वाला कोई नहीं। तहसीलदार बोले- तत्काल मिलेगा 4 लाख का मुआवजा
कलीनगर तहसील के तहसीलदार वीरेंद्र सिंह ने बताया- उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी गई है। तत्काल 4 लाख का निर्धारित मुआवजा दिलाया जाएगा। अंतिम संस्कार के लिए भी पैसे दिए जाएंगे। दोनों बच्चों को आश्रम पद्धति के स्कूल में दाखिला कराया जाएगा, जहां 18 साल की उम्र तक रहने-खाने-पढ़ाई तक की जिम्मेदारी प्रशासन की रहेगी। तहसीलदार ने बताया- वन क्षेत्र की फेंसिंग कराई जा रही है। लोगों से पहले भी कई बार अपील की गई है कि रात के समय में जंगल की ओर न जाएं, पर वन कर्मियों ने रात में ही किसान को जंगल में घूमते हुए देखा था। विधायक पुत्र बोले- 12 घंटे में दिलाएंगे मुआवजा
घटना की सूचना पर पूरनपुर के भाजपा विधायक बाबूराम पासवान के बेटे ऋतुराज पासवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया- ग्राम प्रधान लालाराम से घटना की जानकारी मिली। हम 12 घंटे के अंदर मृतक के परिवार को पूरा मुआवजा दिलवाएंगे। ऋतुराज पासवान ने बताया- हमनें मतना से बराही तक तार फेंसिंग का काम करवा चुके हैं। बाकी बचे 8 किलोमीटर के वन क्षेत्र में भी मार्च तक फेंसिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा। ताकि इस तरीके की घटना की पुनरावृत्ति न हो। बाघ की ट्रैकिंग में जुटी वन टीम घटना की सूचना मिलते ही बराही रेंज के वन क्षेत्राधिकारी और पूरनपुर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जंगल में बाघ के पंजों और घसीटने के निशान मिले हैं। अब कैमरा ट्रैप और ट्रैकिंग टीम तैनात की गई है। वन विभाग ने बताया कि बाघ संभवतः टाइगर रिजर्व की बराही रेंज से गांव की ओर आया था। ग्रामीणों से खेतों में अकेले न जाने की अपील की गई है। मृतक के परिवार को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एक महीने में तीसरी घटना ग्रामीणों ने बताया कि एक महीने में यह तीसरी घटना है। जब बाघ ने गांव के लोगों पर हमला किया। पताबोझी, नवदिया और हरदोई कला के बीच फैले खेतों में बाघ का मूवमेंट लगातार देखा जा रहा है। गांव के बुजुर्ग हरिनारायण ने कहा- रात में खेत पर जाना मौत को बुलाने जैसा हो गया है। अब लोग झुंड बनाकर ही खेतों में जा रहे हैं। गांव के रामअवतार यादव ने कहा- हम अपनी फसल काट भी नहीं पा रहे हैं। बच्चे तक स्कूल नहीं जा रहे। हर किसी को डर है कि कहीं बाघ फिर न आ जाए। हमने कई बार वन विभाग से गुहार लगाई, लेकिन न तो बाघ पकड़ा गया, न ही पिंजरा लगाया गया। ———————————— ये खबर भी पढ़िए… प्रयागराज में डॉक्टर की कार से 2 महिलाओं को रौंदा:एक की मौत, तेज रफ्तार ब्रेजा पलटी; भागे ड्राइवर को पकड़ा प्रयागराज में फिर तेज कार ने सड़क किनारे जा रहीं 2 महिलाओं को रौंद दिया। इसी बीच कार बीच सड़क पलट गई। हादसे में एक 50 साल की महिला विमला देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी महिला घायल है। जबकि मौका पाकर ड्राइवर भाग गया। पढ़िए पूरी खबर…