पीलीभीत में मतदाता सूची से 1.99 लाख नाम हटे:SIR के बाद अब 12.68 लाख वोटर बचे, आज से दाखिल कर सकेंग आपत्ति

पीलीभीत में 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर मंगलवार को निर्वाचक नामावलियों का आलेख्य प्रकाशन किया गया। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद जिले की मतदाता सूची में बड़ा बदलाव आया है। शुद्धिकरण प्रक्रिया के तहत कुल 1,99,772 मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। इस शुद्धिकरण के बाद अब जिले में कुल 12,68,216 मतदाता शेष रह गए हैं। इससे पहले, मतदाता सूची में 14,67,988 मतदाताओं के नाम दर्ज थे। यह पुनरीक्षण वर्ष 2003 की मतदाता सूची को आधार बनाकर किया गया। उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रसून द्विवेदी ने कलेक्ट्रेट में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, सपा के जगदेव सिंह जग्गा, कांग्रेस के हरप्रीत सिंह चब्बा और बसपा के मुन्ना लाल कश्यप सहित अन्य दलों के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में प्रतिनिधियों को आलेख्य प्रकाशित निर्वाचक नामावली, एमएलसी और एएसडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, डुप्लिकेट) मतदाताओं की सूचियां सौंपी गईं। जांच के दौरान बड़ी संख्या में अपात्र और अनुपस्थित मतदाता पाए गए, जिसके कारण नाम हटाए गए। हटाए गए नामों में मृतक और स्थानांतरित मतदाताओं की संख्या सर्वाधिक है। आंकड़ों के अनुसार, 37,093 मृतक मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि 93,090 मतदाता स्थानांतरित (शिफ्टेड) पाए गए। इसके अतिरिक्त, 52,876 अनुपस्थित (एब्सेंट) और 15,022 दोहराए गए (डुप्लिकेट) नाम भी सूची से हटाए गए। अन्य कारणों से 877 नाम हटाए गए। वर्तमान में 67,634 मतदाता नोटिस की श्रेणी में हैं। इनके दस्तावेजों में कमियां पाई गई हैं, और इनसे स्पष्टीकरण तथा साक्ष्य मांगे गए हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर इनके नाम भी सूची से हटाए जा सकते हैं। प्रशासन द्वारा जिले के सभी 1654 मतदेय स्थलों (बूथों) पर सूचियों का प्रकाशन कर दिया गया है, जहाँ मतदाता अपना नाम जांच सकते हैं। आलेख्य प्रकाशन के साथ ही अब नए नाम जुड़वाने, संशोधन कराने या नाम कटवाने के लिए दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य पूर्णतः पारदर्शी और शुद्ध मतदाता सूची तैयार करना है।