अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर समग्र शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश और यूनिसेफ के सहयोग से लखनऊ के गोमती नगर स्थित दयाल गेटवे में ‘प्रगति 2026 : आत्मसम्मान से समानता तक’ विषय पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के 75 जनपदों से आई करीब 850 बालिकाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, नाटक, योग और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा, आत्मसम्मान और लैंगिक समानता का संदेश दिया। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 23 बालिकाओं को सम्मानित किया गया और शिक्षा से जुड़े 22 विशेष स्टॉल भी लगाए गए।
बेटियों के आत्मसम्मान और नेतृत्व क्षमता को मजबूत कर रही सरकार: संदीप सिंह
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परचम लहरा रही हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से बेटियों के आत्मसम्मान और नेतृत्व क्षमता को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि परिषदीय विद्यालयों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और डिजिटल संसाधनों तथा निःशुल्क सुविधाओं के माध्यम से बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के माध्यम से बालिका शिक्षा को विशेष रूप से सुदृढ़ किया गया है। इन विद्यालयों का उच्चीकरण कक्षा 12 तक किए जाने से दूरस्थ और वंचित वर्ग की बालिकाओं को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल रहा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सुमंगला योजना, मीना मंच, रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण और जीवन कौशल कार्यक्रमों के माध्यम से बालिकाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास किया जा रहा है।
850 बालिकाओं ने प्रस्तुत किए सांस्कृतिक और रचनात्मक कार्यक्रम
कार्यक्रम में लगभग 850 प्रतिभागी बालिकाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, गीत, नृत्य और योग प्रस्तुतियों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता का संदेश दिया। इन प्रस्तुतियों के जरिए बेटियों के आत्मविश्वास और प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला।
इसके अलावा बच्चों द्वारा तैयार की गई कॉमिक बुक और प्रेरणादायक अनुभव साझा करने के विशेष सत्र भी आयोजित किए गए, जिन्होंने उपस्थित लोगों को प्रभावित किया। जनपद और मंडल स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं के बाद 18 मंडलों से चयनित प्रतिभाशाली बच्चों ने राज्य स्तर के मंच पर अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियां दीं।
22 विशेष स्टॉलों में शिक्षा और नवाचार की झलक
कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विषयों पर आधारित 22 विशेष स्टॉल लगाए गए, जो आयोजन का प्रमुख आकर्षण बने। इन स्टॉलों के माध्यम से शिक्षा में नवाचार, जेंडर समानता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक-भावनात्मक अधिगम, अभिभावक सहभागिता और करियर मार्गदर्शन से जुड़ी गतिविधियों को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया।
शिक्षकों द्वारा तैयार की गई गतिविधि आधारित शिक्षण सामग्री, कठपुतली प्रस्तुतियों, वैज्ञानिक मॉडल और नवाचार आधारित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को ‘करके सीखने’ की अवधारणा से जोड़ा गया। इन स्टॉलों के जरिए बच्चों में तार्किक सोच, रचनात्मकता और आत्म-अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया।
इन विशिष्ट बालिकाओं को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान खेल, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाली 23 बालिकाओं को सम्मानित किया गया। इनमें भावना, अनोखी, पायल पाल, शिखा गंगवार, नेहा सागर, वंशिका यादव, सोनी, प्राची, प्रियांशी, तमन्ना, लाली, शेख राफिया, सोनाली भारती, मुस्कान बघेल, कुंजल सरोज, छाया चौरसिया, गरिमा, शगुन विश्वकर्मा, महशर जहां, शिवानी, निधि वर्मा, शाहीन और रेखा सिंह शामिल रहीं।
कार्यक्रम को अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा, महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी और यूनिसेफ उत्तर प्रदेश के प्रमुख डॉ. जकारी ऐडम ने भी संबोधित किया और बालिकाओं के आत्मसम्मान, शिक्षा और समान अवसरों के महत्व पर जोर दिया।