उत्तर प्रदेश में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत राज्य स्तरीय उच्चाधिकार संचालन समिति की 16वीं बैठक मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में कुल 1861.72 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 33 पेयजल परियोजनाओं को पास किया गया। इन परियोजनाओं से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में 2,87,801 नए नल कनेक्शन दिए जाएंगे। इसके लिए नए नलकूपों का निर्माण, पुराने नलकूपों का रिबोर, मौजूदा ओवरहेड टैंकों की मरम्मत, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और पंप हाउस सहित अन्य आवश्यक कार्य कराए जाएंगे। इन परियोजनाओं को भी दी मंजूरी ट्रेंच-1: 5 परियोजनाएं, लागत 427.49 करोड़ रुपयेइसमें बुलंदशहर की स्याना, कुशीनगर की रामकोला, वाराणसी के प्रभावित वार्डों (हुकुलगंज, नई बस्ती, दुर्गाकुंड आदि) और ट्रांस वरुणा जलापूर्ति योजना शामिल। ट्रेंच-2: 11 परियोजनाएं, लागत 623.29 करोड़ रुपयेवाराणसी के ट्रांस वरुणा और प्रभावित वार्ड क्लस्टर-5, एटा की जलेसर, प्रतापगढ़ की रानीगंज, मुजफ्फरनगर, आगरा की फतेहाबाद, सहारनपुर की बेहट, तितरों, नानौता, छुटमलपुर तथा गोरखपुर नगर निगम की पुनर्गठन योजना आदि। ट्रेंच-3: 17 परियोजनाएं, लागत 810.94 करोड़ रुपयेबांदा की मटौंध और नरैनी, चित्रकूट की मानिकपुर, झांसी की टोडी फतेहपुर, हाथरस, फतेहपुर की खागा, सिद्धार्थनगर की बिस्कोहर, बहराइच की मिहीपुरवा, गोण्डा, प्रयागराज की मऊआइमा, कासगंज की सिढ़पुरा और भरगैन, उन्नाव की ऊग, मिर्जापुर की चुनार तथा बाराबंकी की रामसनेहीघाट, दरियाबाद और टिकैतनगर आदि शामिल। मुख्य सचिव ने बैठक में इन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं राज्य के छोटे-बड़े शहरों और नगर पंचायतों में स्वच्छ पेयजल की पहुंच बढ़ाएंगी तथा जनता की मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करेंगी। इस मौके पर प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरुप्रसाद, सचिव नगर विकास अनुज कुमार झा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।