मुजफ्फरनगर में कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने एक कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी (सपा) को ‘माफिया और अपराधियों की जननी’ करार दिया। उन्होंने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले सपा प्रमुख अखिलेश यादव को अपने गिरेबान में झांकने की सलाह दी। यह बयान उन्होंने मेरठ रोड स्थित मूलचंद रिजॉर्ट में हिंदू संघर्ष द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में दिया। आचार्य कृष्णम ने देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को जल्द लागू करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि ये दोनों कानून देश की एकता और सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर गहरी चिंता व्यक्त की। आचार्य ने कहा कि वहां हिंदू समुदाय लगातार निशाने पर है और सरकार को इस मुद्दे पर कड़े कदम उठाने चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान के बालाकोट में हुई सर्जिकल स्ट्राइक की तर्ज पर बांग्लादेश पर भी ऐसी कार्रवाई की मांग की, यदि हिंदुओं पर हमले नहीं रुकते। आचार्य कृष्णम ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त राष्ट्र (यूएनओ) में उठाने की बात कही, ताकि बांग्लादेश में रहने वाले अल्पसंख्यक हिंदुओं को सुरक्षा मिल सके। उन्होंने इन अत्याचारों को ‘मानवता पर हमला’ करार दिया। कार्यक्रम में उन्होंने फिल्म अभिनेता शाहरुख खान पर भी टिप्पणी की। आचार्य कृष्णम ने कहा कि एक तरफ बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं, उनके घर जलाए जा रहे हैं और जानें ली जा रही हैं, वहीं शाहरुख खान अपनी आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स में बांग्लादेशी क्रिकेटर को करोड़ों रुपये में खरीद रहे हैं। उन्होंने इसे गलत बताया और कहा कि पैसे की लालच में ऐसे कदम नहीं उठाने चाहिए, बल्कि हिंदू भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से हिंदू एकता पर जोर देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों की रक्षा के लिए आवाज उठाना हर भारतीय का कर्तव्य है। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में भी उन्होंने अपने बयानों को दोहराया। अखिलेश यादव के बयान को लेकर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि अखिलेश यादव कहते हैं कि भाजपा सरकार में यूपी अपराधियों की शरण स्थली हो गई है अखिलेश यादव जी की पार्टी माफियाओं की जननी है अगर ऐसी पार्टी का सुप्रीम लीडर जिसकी पार्टी ने तमाम माफियाओं को बड़ा करके पाल पोश कर पैदा किया। उसके सुप्रीम लीडर भी अगर कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं, जिन्होंने निहत्ते राम लाल के भक्तों पर गोलियां चलाई। जिन्होंने मुजफ्फरनगर में दंगा कराया शहर को जलाने की साजिश की, जिन्होंने संभल को उजाड़ा वह अगर यह बात कहते हैं कानून व्यवस्था पर वह बात करें जो कानून का समर्थक हो जिन्होंने कानून को तार-तार किया है वह अगर ऐसी बात करते हैं तो मुझे हंसी आती है अखिलेश जी को अपने गिरबान में झांक कर देखना चाहिए