बलरामपुर में एक निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत के मामले में नामजद महिला सर्जन डॉ. मेधावी सिंह संयुक्त जिला अस्पताल से अनुपस्थित हैं। पुलिस द्वारा गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज होने के बाद से वह ड्यूटी पर नहीं आ रही हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, 11 नवंबर से उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं की गई है। यह घटना 31 अक्टूबर की है। शंकरपुर निवासी पवन कुमार ने अपनी गर्भवती पत्नी शीला को शहर के भगवतीगंज चौराहे स्थित एसपीएम अस्पताल में भर्ती कराया था। आरोप है कि यह अस्पताल कथित तौर पर अवैध रूप से संचालित हो रहा था। संयुक्त जिला चिकित्सालय में कार्यरत डॉ. मेधावी सिंह ने शीला का सिजेरियन प्रसव कराया था। प्रसूता की तबीयत अगले दिन खराब हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर मेधावी सिंह उसे देखने नहीं आईं, जिसके कारण शाम तक शीला की मृत्यु हो गई। पीड़ित परिवार की तहरीर पर 10 नवंबर को नगर कोतवाली में डॉ. मेधावी सिंह के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया। डॉ. मेधावी सिंह की अनुपस्थिति के कारण अस्पताल में मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सर्जन न होने से ऑपरेशन के जरिए होने वाले प्रसव प्रभावित हो रहे हैं और गर्भवती महिलाओं की परेशानी बढ़ गई है। जटिल प्रसव वाले मामलों को अस्पताल से वापस भेजा जा रहा है। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. राजकुमार वर्मा ने बताया कि डॉ. मेधावी सिंह ने कोई छुट्टी आवेदन नहीं दिया है और वह लगातार अनुपस्थित चल रही हैं, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। अस्पताल में जनरल सर्जन डॉ. आर.डी. रमन तैनात हैं, लेकिन उनकी हर समय उपलब्धता न होने से समस्याएँ बढ़ गई हैं। कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि आरोपित सर्जन के खिलाफ कई बिंदुओं पर जांच जारी है। पुलिस को महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।