मेरठ जेल में बंद गैंगेस्टर ने फर्जी जमानती लगाकर जमानत लेने की कोशिश की। मामला उस समय खुल गया जब जमानतियों के पते तस्दीक कराए गए। पता चला कि पते फर्जी हैं। इस नाम का उस जगह कोई नहीं रहता। कोर्ट ने संज्ञान लिया और गैंगेस्टर के खिलाफ एफआईआर के आदेश कर दिए। कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। एक नजर डालते हैं क्या है मामला
लोहिया नगर पुलिस ने भटीपुरा ईदगाह निवासी शादाब उर्फ लड्डू पर गैंगेस्टर की कार्रवाई की। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और सलाखों के पीछे भेज दिया। शादाब ने जमानत की प्रक्रिया शुरु कर दी। नियमानुसार, शादाब को जमानती पेश करने थे। उसने षड़यंत्र रचा और फर्जी जमानती तैयार कर उनके कागज लगा दिये। तस्दीक में हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
शादाब के वकील ने जमानती लगाए। कोर्ट ने जमानतियों के कागजातों को तस्दीक के लिए भेज दिया। पुलिस ने तस्दीक शुरु की और उन पते पर पहुंच गई, जो जमानतियों के द्वारा दर्शाए गए थे। पता चला कि उस नाम के वहां कोई नहीं रहते हैं। दोनों ही पते फर्जी मिले। तो क्या फरार होने की थी तैयारी
जमानतियों के फर्जी पते मिलने के बाद रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष भेजी गई। कोर्ट ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया। यह माना गया कि गैंगेस्टर शादाब उर्फ लड्डू ने जान बूझकर फर्जी जमानती तैयार कर उनके कागजात लगवाए थे। इसके पीछे गैंगेस्टर की निश्चिततौर पर फरार होने की तैयारी थी। फर्जी आधार कार्ड तक किए तैयार
पुलिस ने रिपोर्ट में बताया कि शादाब ने योगेंद्र व श्योराज नाम के व्यक्ति के कागजात जमानती के तौर पर लगवाए थे। बाकायदा उनके आधार कार्ड तक जमा किए थे। पता फर्जी पाया गया। आधार कार्ड समेत अन्य कागजात चेक किए तो वह भी जाली निकले।