फिरोजाबाद में फरिहा पुलिस और प्रशासन की कुर्की कार्रवाई में दो गंभीर लापरवाही सामने आई हैं। एक मामले में गैंगस्टर के नाम पर किसान के प्लॉट पर कुर्की का बोर्ड लगा दिया गया, जबकि दूसरे मामले में गैंग लीडर बबलू उर्फ गोल्डी की अधिवक्ता पत्नी के मकान को गलती से ताला लगा दिया गया। पहला मामला थाना दक्षिण क्षेत्र के मोहल्ला नगला मोती निवासी रामशरण से संबंधित है। उन्होंने बताया कि उनका प्लॉट हिमायूंपुर में गाटा संख्या 172 पर स्थित है। दो दिन पहले फरिहा पुलिस ने प्रशासन की मौजूदगी में यहां मुनादी कराकर कुर्की नोटिस बोर्ड लगा दिया। यह कार्रवाई अशोक कुमार निवासी शेखूपुर नैपई, थाना रामगढ़ से जुड़े प्लॉट के रूप में की गई थी। किसान रामशरण को जब इस गलती की जानकारी मिली तो वह हैरान रह गए। उन्होंने गुरुवार को जिलाधिकारी से शिकायत कर कुर्की बोर्ड हटाने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामले पर सीओ प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि किसी भी खेत या प्लॉट को कुर्क करने से पहले राजस्व विभाग से रिपोर्ट ली जाती है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस मामले में उप निबंधक सदर की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई हुई, जिसमें कहीं त्रुटि हुई है। मामले की जांच की जा रही है। दूसरी बड़ी चूक थाना फरिहा पुलिस ने बुधवार को गैंगस्टर एक्ट के तहत गैंग सरगना बबलू उर्फ गोल्डी की संपत्ति कुर्क करने के दौरान की। सुहाग नगर में कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गलती से बबलू के मकान की जगह उसकी अधिवक्ता पत्नी मधुलिका सिंह के मकान को कुर्क कर ताला लगा दिया। मधुलिका सिंह ने इस कार्रवाई का विरोध किया और अधिकारियों से शिकायत की। करीब चार घंटे बाद पुलिस मौके पर लौटी और अपनी गलती सुधारते हुए मधुलिका के मकान का ताला खोला। इसके बाद वास्तविक रूप से बबलू के मकान पर कुर्की नोटिस चस्पा किया गया। थानाध्यक्ष फरिहा राजीव कुमार ने इस संबंध में कहा कि मकान पर बबलू के नाम का बोर्ड लगा हुआ था, उसी आधार पर कार्रवाई हुई थी। उन्होंने स्वीकार किया कि चूक हुई थी, जिसे तुरंत सुधार लिया गया है।