साल के पहले दिन गुरुवार को शहर में जश्न और आस्था का संगम देखने को मिला। नए साल का स्वागत करने के लिए शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मोतीझील, चिड़ियाघर, गंगा बैराज, जेके मंदिर, आनंदेश्वर मंदिर, सिद्धनाथ घाट समेत अन्य प्रमुख मंदिरों और पार्कों में सुबह से ही लोगों का आना-जाना शुरू हो गया, जो देर रात तक जारी रहा। फूलबाग पर करीब 2 किमी लंबा जाम लगा गया। इसके अलावा जीटी रोड, वीआईपी रोड, बैराज पर लोग 2 से 3 घंटे तक जाम में फंसे रहे। इस दौरान सड़क पर वाहनों के भारी दबाव के चलते यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई। जीटी रोड, वीआईपी रोड, बैराज पर जाम में पुलिस अधिकारियों तक की गाड़ियां भी फंस गई। घंटों तक लोगों को जाम से समस्या से दो–चार होना पड़ा। नए साल के मौके पर लोग अपने परिवारों के साथ पिकनिक और सैर-सपाटे के लिए निकले। मोतीझील, चिड़ियाघर और गंगा बैराज पर युवाओं की भीड़ देखने को मिली, गंगा घाटों पर स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। भीड़ के कारण साल के पहले दिन शहर की यातायात व्यवस्था धड़ाम हो गई। सभी प्रमुख मार्गों और चौराहों पर सुबह से ही जाम की स्थिति बननी शुरू हो गई, जो देर रात तक रही। मोतीझील, गंगा बैराज, बड़ा चौराहा, परेड, कंपनीबाग, मोतीझील, काकादेव, गोविंद नगर, जरीब चौकी और रावतपुर जैसे इलाकों में वाहन रेंगते नजर आए। फजलगंज चौराहे से लेकर मोतीझील तक यू-टर्न और अतिक्रमण के चलते जाम की स्थिति बनी रही। ट्रैफिक पुलिस ने फूलबाग से आने वाले वाहनों को बड़ा चौराहा जाने से रोकते हुए डायवर्जन कर उन्हें वीआईपी रोड की ओर मोड़ा था। इस दौरान बड़ा चौराहा, माल रोड, बिरहाना रोड और फूलबाग के आसपास भीषण जाम लग गया, जिससे डायवर्जन व्यवस्था धड़ाम हो गई। जिसके बाद डायवर्जन खत्म किया गया यातायात का दबाव इतना ज्यादा था कि पुलिसकर्मी एक तरह वाहनों को निकलवाते तो दूसरे ओर वाहनों की कतार लग जाती थी। पुलिसकर्मी लगातार वाहनों को नियंत्रित करने और डायवर्जन लागू करने का प्रयास करते रहे, लेकिन वाहनों की अत्यधिक संख्या और सड़क किनारे अव्यवस्थित पार्किंग के चलते जाम पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका।