बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास में 10 साल की सजा:पॉक्सो कोर्ट ने दोषी पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया

बिजनौर के नजीबाबाद क्षेत्र में बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने दोषी नरेंद्र उर्फ गुड्डे को 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह घटना लगभग ढाई महीने पहले 16 अक्टूबर 2025 को हुई थी। विशेष लोक अभियोजक भालेंद्र राठौर ने बताया कि नजीबाबाद क्षेत्र की एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। महिला के अनुसार, 16 अक्टूबर 2025 को उसकी दो छोटी बेटियां गांव की दुकान से सामान लेने गई थीं। दुकान मालिक धर्मेंद्र का 36 वर्षीय भाई नरेंद्र उर्फ गुड्डे पुत्र ओमपाल दोनों लड़कियों का मुंह भींचकर उन्हें खेत में ले गया। लड़कियों में से एक ने आरोपी के हाथ में काटकर खुद को छुड़ाया और गांव में जाकर शोर मचा दिया कि उसकी बहन को कोई उठा ले गया है। शोर सुनकर ग्रामीण खेतों की ओर दौड़े। उन्होंने देखा कि आरोपी बच्ची को नग्न कर उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश कर रहा था। ग्रामीणों को आता देख आरोपी ने बच्ची को उठाकर तालाब में फेंक दिया और भागने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। पीड़ित बच्ची की मां ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी नरेंद्र उर्फ गुड्डे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। पॉक्सो कोर्ट की स्पेशल न्यायाधीश कल्पना पांडे ने मामले की सुनवाई की। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर नरेंद्र उर्फ गुड्डे को दोषी पाया। कोर्ट ने उसे 10 साल की कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।