चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर शनिवार को स्टूडेंट–इंडस्ट्री राउंडटेबल चर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय रहा “यूनियन बजट 2026: छात्रों, रोजगार और उद्योग के लिए इसका क्या अर्थ है”। गोलमेज चर्चा में शहर के कई प्रतिष्ठित स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं के साथ विभिन्न उद्योगों से जुड़े उद्यमियों ने भाग लिया। छात्रों ने इंफ्रास्ट्रक्चर, एमएसएमई, खेल उद्योग, ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर, इनलैंड वाटरवेज, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और बायोफार्मा जैसे विषयों पर बजट के प्रभाव को लेकर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 देश के विकास पर केंद्रित है और इससे भविष्य की दिशा स्पष्ट होती है। वहीं प्रशांत रायजादा ने कहा कि यदि नागरिक समय से कर अदा करने लगें तो देश अपने आप तरक्की की राह पर आगे बढ़ सकता है। चर्चा में दीवान पब्लिक स्कूल, केएल इंटरनेशनल स्कूल, सोफिया गर्ल्स स्कूल, सेंट मैरीज एकेडमी, भारत इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दीवान इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, आईआईएमटी यूनिवर्सिटी, एमआईईटी, एमआईआईटी, मास्टर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, शोभित यूनिवर्सिटी और पंडित दीन दयाल उपाध्याय मैनेजमेंट कॉलेज सहित कई संस्थानों के छात्रों ने प्रतिभाग किया। प्रत्येक संस्था से दो छात्रों ने बजट से जुड़े निर्धारित विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया। चैंबर अध्यक्ष विपिन अग्रवाल ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों को नीति निर्माण और आर्थिक विषयों को समझने का अवसर देते हैं। महामंत्री शुभेन्द्र मित्तल ने बताया कि चैंबर के इतिहास में यह पहला अवसर है जब छात्रों और उद्योग जगत के बीच इस तरह की संयुक्त चर्चा आयोजित की गई । कार्यक्रम का संचालन संयोजक एवं उपाध्यक्ष कमल भार्गव ने किया। अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए और कार्यक्रम के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त किया गया।