बदायूं के वजीरगंज थाना क्षेत्र में रविवार देर शाम पशु अवशेष मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना फैलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस का कहना है कि ये अवशेष भैंस के कटरे के हैं, जबकि हिंदूवादी संगठन इसे गोवध बता रहे हैं। पुलिस सैंपलिंग रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। यह घटना वजीरगंज थाना क्षेत्र के गोठा तालाब के पास भतरी गोवर्धनपुर मार्ग की है। रविवार को कुछ ग्रामीण घास काटने तालाब किनारे पहुंचे थे। तभी उनकी नजर मिट्टी खुदी हुई जगह और ऊपर पड़े पशु अवशेषों पर पड़ी। ताजा खून के निशान और मिट्टी उखड़ी देखकर ग्रामीणों को गोकशी की आशंका हुई। देखते ही देखते यह खबर गांव में फैल गई और कई लोग मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद इलाके में हलचल बढ़ गई। सूचना मिलते ही सीओ बिसौली के साथ वजीरगंज पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे स्थान को घेरकर जांच शुरू कर दी। ग्रामीणों की मौजूदगी में पुलिस टीम ने उस स्थान की खुदाई कराई जहां अवशेष दिख रहे थे। शुरुआती जांच में संदेह गहराया, हालांकि कुछ देर बाद गहराई से की गई पड़ताल में स्पष्ट हुआ कि अवशेष किसी बड़े पशु के नहीं, बल्कि कटरे के थे। जांच में सामने आया कि पड़ोस के गांव करकटपुर के रहने वाले शीलू नामक व्यक्ति का कटरा मर गया था, जिसे तालाब किनारे गड्ढा खोदकर दफनाया गया था। बारिश और जंगली जानवरों की हलचल से मिट्टी उखड़ गई और अवशेष ऊपर दिखाई देने लगे। एसएचओ सुरेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस टीम और संबंधित अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और मौके की पूरी जांच-पड़ताल की। उन्होंने पुष्टि की कि मिले अवशेष गोवंश के नहीं हैं। जांच में स्पष्ट हुआ कि पास के करकटपुर गांव निवासी एक किसान के कटरे की मौत हो गई थी, जिसे ग्रामीणों ने तालाब किनारे गड्ढे में दबा दिया था। हालांकि सैंपलिंग रिपोर्ट का इंतजार है।