बरेली कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में डीएम अविनाश सिंह ने जल जीवन मिशन की प्रगति जांची। जल निगम (ग्रामीण) की अधिशासी अभियंता कुमकुम गंगवार ने बताया कि जिले में 876 पेयजल योजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें से 403 जलाशयों (टंकियों) का निर्माण पूरा हो चुका है। जिले के 1805 गांवों के लक्ष्य के मुकाबले फिलहाल 1211 गांवों में नियमित पानी की सप्लाई दी जा रही है। 8300 किलोमीटर से ज्यादा बिछी पाइपलाइन
बैठक में आंकड़े पेश करते हुए बताया गया कि जिले में 8629 किमी पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य था, जिसके सापेक्ष 8346 किमी का काम पूरा हो गया है। कनेक्शन की बात करें तो 4,81,138 घरों के लक्ष्य के मुकाबले 4,75,996 घरों में पानी के कनेक्शन दिए जा चुके हैं। डीएम ने निर्देश दिए कि जिन योजनाओं का काम 90% से ज्यादा हो चुका है, उन्हें प्राथमिकता पर पूरा कर संचालन शुरू करें। 22 मार्च तक ‘जल अर्पण’ करने की डेडलाइन
डीएम ने सख्त निर्देश दिए कि 260 पेयजल योजनाओं के संचालन के लिए साप्ताहिक लक्ष्य तय करें और अतिरिक्त लेबर व फिटर लगाकर काम जल्द खत्म करें। उन्होंने कहा कि 22 मार्च तक पूर्ण योजनाओं का ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम होना है, इसलिए इसकी पूरी प्लानिंग अभी से तैयार कर लें। जिन गांवों में काम पूरा हो गया है, उनकी तहसीलवार सूची मांगी गई है ताकि भौतिक सत्यापन कराया जा सके। नोडल अफसरों की होगी तैनाती, एजेंसी से मांगा स्टाफ का ब्यौरा
80% से अधिक प्रगति वाली योजनाओं के सुपरविजन के लिए अब नोडल अधिकारी तैनात किए जाएंगे। डीएम ने कार्यदायी संस्था M/S NCC Ltd. को ब्लॉकवार और प्रोजेक्टवार अपने स्टाफ की लिस्ट देने के निर्देश दिए हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी देवयानी, जल निगम के अभियंता और थर्ड पार्टी एजेंसी के पदाधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।