डबल मर्डर के आरोपी अफसर खान उर्फ बौरा का मंगलवार देर शाम भारी सुरक्षा के बीच सुपुर्दे खाक कर दिया गया। आज सुबह पुलिस मुठभेड़ में ढेर होने के बाद, शाम को डॉक्टरों के पैनल ने उसके शव का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद शव को उसके भाइयों और रिश्तेदारों के सुपुर्द कर दिया गया, जिन्होंने रहपुरा चौधरी स्थित कब्रिस्तान में उसे दफानाया। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। 3 डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम, हुई वीडियोग्राफी मंगलवार शाम करीब 6 बजे तीन डॉक्टरों के पैनल ने अफसर के शव का पोस्टमार्टम शुरू किया। करीब एक घंटे से अधिक चली इस प्रक्रिया की पूरी वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक के भाई और अन्य रिश्तेदार पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने मीडिया से दूरी बनाए रखी। शव मिलने के बाद पुलिस की मौजूदगी में उसे अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। सुबह 6 बजे हुआ था एनकाउंटर, पुलिस पर की थी फायरिंग आज मंगलवार सुबह करीब 6 बजे मुखबिर की सटीक सूचना पर जब पुलिस ने घेराबंदी की, तो अफसर ने सरेंडर करने के बजाय पुलिस टीम पर पिस्टल से गोलियां चला दीं। जवाबी कार्यवाही में पुलिस ने उसे ढेर कर दिया। मौके पर एसएसपी अनुराग आर्य और अन्य आला अधिकारियों ने पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था। अफसर पर पहले से ही 5 मुकदमे दर्ज थे और वह अपने मामा की हत्या में आजीवन कारावास की सजा भी काट चुका था। परिजन बोले- ‘हमने उसे बहुत समझाया पर वो नहीं माना’ पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे अफसर के भाइयों ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बस इतना कहा कि अफसर को कई बार सही रास्ते पर लाने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी हरकतों ने पूरे परिवार को मुश्किल में डाल दिया। अफसर 4 भाई-बहनों में दूसरे नंबर का था और उसके सभी भाई मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। अफसर के माता-पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। क्या था पूरा मामला? सोमवार दोपहर करीब 1 बजे सपा नेता राशिद के घर चल रही पंचायत में अफसर ने खूनी तांडव मचाया था। उसने अपनी सास आसमा और साले आदिल की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी, जबकि अपनी पत्नी साइमा को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस वारदात के बाद से ही पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं, जिसका अंत आज सुबह एनकाउंटर के रूप में हुआ।