बरेली में 2800 करोड़ की बनेगी हाईटेक टाउनशिप:पीलीभीत बाईपास पर 267 हेक्टेयर में शहर बसेगा, किसानों को मिलेगा 4 गुना मुआवजा

बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) शहर के विस्तार और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पीलीभीत बाईपास पर एक मेगा हाईटेक टाउनशिप विकसित करने जा रहा है। करीब 2800 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली यह परियोजना 267.1443 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली होगी और बरेली की अब तक की सबसे बड़ी शहरी विकास योजना मानी जा रही है। इसके तैयार होने से पुराने शहर पर बढ़ता दबाव कम होगा, जबकि आधुनिक जीवनशैली, कनेक्टिविटी और सार्वजनिक सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी। टाउनशिप के लिए बीडीए जिन गांवों की भूमि खरीद रहा है, उनमें अडूपुरा जागीर, अहिलादपुर, आसपुर खूबचंद, कुम्हरा, कलापुर, बरकापुर, मोहरनियां, हरहरपुर और नवदिया कुर्मियान शामिल हैं। जमीन पूरी तरह समझौते और किसानों की सहमति के आधार पर खरीदी जा रही है। प्राधिकरण ने किसानों को सर्किल रेट से चार गुना अधिक भुगतान की पेशकश की है, जिसके चलते अब तक लगभग 70 प्रतिशत किसानों ने जमीन देने की सहमति जताई है। दो किसानों ने किया बैनामा, सम्मान भी मिला
आज रजिस्ट्री कार्यालय में सूरज पाल (गाटा 379, रकबा 0.2680 हे.) को 1,23,28,000 रुपए और सुधारानी शर्मा (गाटा 41, रकबा 0.2040 हे.) को 1,10,30,657 रुपए का भुगतान करके बीडीए के पक्ष में बैनामा निष्पादित हुआ। दोनों किसानों को अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार सिंह, सहायक महानिरीक्षक निबंधन और उप निबंधक सदर प्रथम ने फूल-माला और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। अधिकारियों ने भरोसा दिया कि बाकी किसानों की रजिस्ट्रियों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा। जरूरत पड़ी तो बीडीए में ही रजिस्ट्री कैंप भी लगाया जाएगा। 26,500 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से प्लॉट
नई टाउनशिप में आमजन के लिए जमीन की दर 26.5 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर तय की गई है। बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मणिकंडन ए. की ओर से परियोजना के नामकरण के लिए जनता से सुझाव भी मांगे गए हैं। यह पहला मौका है जब किसी बड़ी आवासीय योजना का नाम आम लोग तय करेंगे। 18 से 45 मीटर चौड़ी सड़कें और पूरी आधुनिक सुविधाएं
योजना में 18 से 45 मीटर चौड़ी सड़कों का पूरा नेटवर्क बनाया जाएगा। साथ ही मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल, स्कूल–कॉलेज, स्पोर्ट्स स्टेडियम, बड़े पार्क, मॉल और सामुदायिक केंद्र जैसी सुविधाएं भी शामिल होंगी। टाउनशिप दिल्ली–लखनऊ हाईवे और बरेली एयरपोर्ट के करीब विकसित हो रही है, जिससे इसे उत्तर भारत की सबसे रणनीतिक लोकेशन माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा किसानों के लिए लाभकारी साबित हुआ है और योजना को लेकर आमजन में काफी उत्साह है। बीडीए को उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट बरेली के विकास को नई दिशा देगा और आने वाले वर्षों में शहर को एक नए स्वरूप में पेश करेगा।