कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बलिया के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में देव दीपावली तथा मां गंगा की भव्य आरती का आयोजन किया गया। रामगढ़ गंगापुर स्थित महर्षि भृगु वैदिक गुरुकुलम द्वारा गंगा तट पर आयोजित महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान गंगा तट पर दीपों की जगमगाहट, मंत्रों की गूंज और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। गुरुकुल के आचार्य मोहित पाठक ने भक्तों को संबोधित करते हुए ‘द्वितीय काशी’ के निर्माण का संकल्प लिया। उन्होंने ‘नित्य शिवार्चन गुरुकुल गंगा आरती प्रकल्प’ से जुड़कर प्रतिदिन गंगा आरती संचालित करने का आह्वान किया। आचार्य मोहित पाठक ने सभी श्रद्धालुओं को गंगा को स्वच्छ और निर्मल रखने की शपथ भी दिलाई। गुरुकुल के बटुकों ने चारों वेदों के वैदिक मंत्रों से आरती स्थल को पवित्र किया, जिससे सभी गंगा सेवक मंत्रमुग्ध हो गए। आचार्य मोहित पाठक ने कहा, “गंगा आरती केवल एक अनुष्ठान नहीं, यह हमारी संस्कृति की आत्मा है।” कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने राष्ट्र कल्याण, पर्यावरण संरक्षण और सनातन धर्म की अखंड ज्योति के लिए प्रार्थना की। इस अवसर पर आचार्य शौनक द्विवेदी, अमन, मनीष, निहाल, राजकुमार उपाध्याय, भरसौता प्रधान, अजय चौबे, संतोष सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। जिला मुख्यालय स्थित महर्षि भृगु मंदिर, बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर और अन्य मंदिरों में भी देव दीपावली तथा महाआरती का आयोजन किया गया।