चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व के प्रथम दिवस पर वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ धाम में भक्ति, संस्कृति और आध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस शुभ अवसर पर शिवार्चानाम मंच पर एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके अलावा पहली बार गंगा द्वार पर गंगा आरती का आयोजन किया गया। पहले देखें सांस्कृतिक कार्यक्रम की तस्वीरें अब पहने जानिए सांस्कृतिक कार्यक्रम में क्या हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ मंदिर न्यास के अधिकारियों, विशिष्ट अतिथियों एवं कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति में विधिवत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। जैसे ही दीप प्रज्ज्वलित हुआ, पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा और उपस्थित श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक इस आयोजन का स्वागत किया। इस विशेष सांस्कृतिक संध्या में देश के प्रख्यात कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। सुप्रसिद्ध ध्रुपद गायक ऋत्विक सान्याल ने अपनी साधनापूर्ण गायकी से भक्ति रस की अविरल धारा प्रवाहित की। उनकी प्रस्तुति ने न केवल संगीत प्रेमियों को प्रभावित किया, बल्कि पूरे वातावरण को आध्यात्मिक गहराई से भर दिया। इसके बाद प्रसिद्ध भजन गायिका सुनंदा शर्मा ने अपने मधुर स्वर में भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। उनके भजनों पर उपस्थित भक्त झूम उठे और पूरा परिसर भक्ति के रंग में रंग गया। अब देखिए गंगा आरती की तस्वीरें पहली बार आयोजित गंगा आरती में पहुंचे हजारों श्रद्धालु
चैत्र नवरात्रि के पावन प्रथम दिवस, विक्रम संवत 2083 के अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा संचालित गंगा आरती का भव्य शुभारंभ हुआ। इस दिव्य क्षण की प्रतीक्षा सम्पूर्ण विश्वेश्वर भक्तों को लंबे समय से थी। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने करताल ध्वनि तथा “जय माँ गंगा” के जयघोष से सम्पूर्ण वातावरण को भक्तिमय बना दिया। गंगा तट पर उपस्थित जनसमूह ने अत्यंत श्रद्धा एवं आस्था के साथ आरती में सहभागिता कर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया।