‘होनी को कोई टाल नहीं सकता है। मन में यही बात आती है कि अचानक इतना बड़ा संकट क्यों आ गया? बेटे को चोट लगी है, तो लापरवाही जरूर रही होगी। मैं मौके पर तो मौजूद नहीं था, इसलिए कुछ कह भी नहीं सकता। हां, अब ईश्वर का ही सहारा है। वो ही इस संकट से हमें उबार सकते हैं।’ रुंधे हुए गले से यह कहना है कि अक्षयदीप शुक्ला के पिता कुलदीप का। अक्षयदीप लखनऊ में सिटी मांटेंसरी स्कूल (CMS) में 11वीं के छात्र हैं। सोमवार को बास्केटबॉल का पोल गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अक्षयदीप की सिर और आंखों में भी गंभीर चोट आई हैं। उसे KGMU के इमरजेंसी ICU में वेंटिलेटर पर रखा गया है। 48 घंटे बाद भी उसे होश नहीं आया है। एक तरह से वह कोमा की स्थिति में है। पहले जानिए पूरा घटनाक्रम… पहिया वाला बास्केटबॉल अचानक छात्र के ऊपर गिरा था राजाजीपुरम का रहने वाला अक्षयदीप शुक्ला 11वीं का छात्र है। सोमवार को वह स्कूल के ग्राउंड में खेल रहा था। इस दौरान उसके ऊपर पहिया वाले बास्केटबॉल का पोल गिर गया। उसका सिर फट गया। स्कूल प्रबंधन के लोग उसे नजदीक के SKD हॉस्पिटल ले गए। वहां शुरुआती जांच और CT स्कैन हुआ। इस दौरान उसकी कंडीशन बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने उसे KGMU ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। अब पढ़िए छात्र के पिता ने जो कहा… बास्केटबॉल प्रैक्टिस के लिए छोड़ कर आया था छात्र के पिता कुलदीप शुक्ला एडवोकेट हैं। भास्कर रिपोर्टर से बातचीत में उन्होंने बताया कि सोमवार से स्कूल की टाइमिंग में बदलाव हुआ था। अब सुबह 8 बजे से स्कूल खुलने लगा है। बास्केटबॉल प्रैक्टिस के लिए उसे सोमवार सुबह 7 बजे स्कूल छोड़ कर आया था। सुबह करीब 9 बजे कोर्ट के लिए निकलने लगा। मेरे साथ बड़ी बेटी भी थी। उसे ऑफिस छोड़ कर कोर्ट जाना था। जैसे ही घर से बाइक बाहर निकाली, अक्षयदीप के स्कूल से फोन आया कि उसे चोट लग गई है। सिर और आंख में गंभीर चोट लगी है कुलदीप शुक्ला ने बताया- हम भागकर SKD हॉस्पिटल पहुंचे। वहां से बेटे को माही डायग्नोस्टिक सेंटर ले जाया जा रहा था। उसका MRI होना था। MRI कराकर वापस उसे SKD हॉस्पिटल लाया गया। MRI में सिर के अलावा उसकी आंखों में भी गहरी इंजरी की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने चोट ज्यादा गहरी होने की बात कह कर KGMU के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद हम बेटे को लेकर KGMU के ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी कंडीशन बेहद नाजुक है। उसे वेंटिलेटर सपोर्ट देना पडेगा। फिलहाल उसे इमरजेंसी ICU में वेंटिलेटर पर रखा गया है। डॉक्टरों ने बताया कि अगले कुछ घंटे बेहद अहम हैं। इलाज में लंबा समय लग सकता है। ‘स्कूल दूर है, इसलिए रोज खुद स्कूल छोड़ता हूं’ कुलदीप शुक्ला ने बताया कि अक्षयदीप ने 9वीं तक की पढ़ाई CMS के राजाजीपुरम ब्रांच से की थी। 10वीं में उसे कानपुर रोड ब्रांच में शिफ्ट कर दिया था। इस ब्रांच में कई अतिरिक्त सुविधाएं हैं। यही सोचकर उसे शिफ्ट कराया था। राजाजीपुरम से स्कूल दूर पड़ता है, इसलिए उसे रोज खुद ही छोड़ने जाते हैं। ‘अब ईश्वर का ही सहारा है, वो ही उबार सकते हैं’ कुलदीप शुक्ला ने बताया- अक्षयदीप चार बच्चों में सबसे होनहार है। हाईस्कूल में उसके 97% नंबर थे। वह पढ़ाई के साथ स्पोर्ट्स में भी बहुत एक्टिव है। स्कूल की बास्केटबॉल टीम में उसका चयन हुआ है। रोज सुबह स्कूल खुलने से 1 घंटे पहले बास्केटबॉल टीम में शामिल सभी स्टूडेंट्स प्रैक्टिस करते हैं। इसके लिए उसे 1 घंटे पहले ही स्कूल छोड़कर आते हैं। कुलदीप शुक्ला ने रुंधे स्वर में कहा- जो होनी थी, उसे कोई टाल नहीं सकता है। मन में ये बात आती है कि अचानक इतना बड़ा संकट क्यों आ गया? बच्चे को चोट लगी है, तो किसी न किसी की लापरवाही जरूर रही होगी। मैं मौके पर मौजूद तो था नहीं, इसलिए कुछ कह भी नहीं सकता। अब ईश्वर का ही सहारा है। इस संकट से वह ही उबार सकते हैं। एडमिट होने के बाद आ रहे थे तेज झटके छात्र के बड़े भाई राजदीप शुक्ला ने बताया कि हमें जैसे ही जानकारी मिली वैसे ही भागकर SKD हॉस्पिटल पहुंचे। उसकी कंडीशन बेहद नाजुक थी। वह होश में नहीं था। वह न ही किसी को पहचान पा रहा था। KGMU में लाने के बाद वह हाथ और पैर को खूब तेज से पटक रहा था। उसे तेज झटके आ रहे थे। डॉक्टर उसका इलाज जरूर कर रहे हैं, लेकिन घरवाले सब बहुत परेशान हैं। राजदीप ने बताया कि वह 4 भाई-बहन हैं। सबसे बड़ी बहन दीपांशी शुक्ला, दूसरे नंबर पर राजदीप, तीसरे नंबर पर बहन दिव्यांशी शुक्ला और चौथे नंबर पर अक्षयदीप है। अब पढ़िए डॉक्टरों ने जो बताया… ‘छात्र की स्थिति बेहद नाजुक है’ KGMU के ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ. प्रेमराज सिंह ने बताया कि अभी बच्चे की कंडीशन बेहद नाजुक है। उसे न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉ. अवधेश की निगरानी में रखा गया है। उसे हेड इंजरी के अलावा आंखों में भी चोट है। ट्रॉमा सेंटर लाने पर वह होश में नहीं था। उसकी नाजुक कंडीशन को देखते हुए उसे तत्काल वेंटिलेटर सपोर्ट दिया गया है। जरूरत के अनुसार और भी एक्सपर्ट चिकित्सकों को इलाज में लगाया जाएगा। CMS के जिम्मेदार लोग जानकारी देने से बचते रहे घटना के बाद CMS की तरफ से जिम्मेदार लोग कोई भी जानकारी देने से बचते रहे। बाद में स्कूल के प्रवक्ता ऋषि खन्ना ने बयान जारी कर पक्ष दिया। हालांकि, अचानक घटना कैसे हुई या घटना के दौरान किसकी लापरवाही रही, इसका कोई जवाब नहीं दिया गया।
घटना के बाद सुरक्षा को लेकर उठे सवाल छात्रों की संख्या के लिहाज से CMS लखनऊ का सबसे बड़ा स्कूल है। यहां 60 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स पढ़ते हैं। अभिभावकों से मोटी फीस भी वसूली जाती है। इस घटना ने यहां पढ़ने वाले स्टूडेंट्स की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए है। बावजूद इसके स्कूल की तरफ से इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही। घटना को लेकर कई सवाल भी खड़े हो रहे है।. स्कूल कैंपस में बास्केटबॉल का मोबाइल पोल बास्केटबॉल पोल में पहिये लगे हैं, जिससे उसे आसानी से इधर-उधर ले जाया जा सकता है। नीचे चबूतरा बना है। जिस पर छात्र बैठा था। पोल का वजन काफी अधिक है। ऐसा पोल स्कूल कैंपस में होना भी सवाल खड़े करता है। आखिर पोल को परमानेंट क्यों इंस्टॉल नहीं कराया गया? —————— संबंधित खबर भी पढ़िए… 11वीं के छात्र पर बास्केटबॉल पोल गिरा, सिर फटा:लखनऊ CMS में दोस्तों संग खेल रहा था, KGMU में वेंटिलेटर पर रखा लखनऊ में सिटी मांटेंसरी स्कूल (CMS) में खेल रहे छात्र पर बास्केटबॉल का पोल गिर गया। छात्र का सिर फट गया। उसे पास के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर बताते हुए KGMU ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। ट्रॉमा सेंटर में उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। पूरी खबर पढ़ें