गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज के नेहरू चिकित्सालय का वार्ड नंबर सात अव्यवस्थाओं का शिकार हो गया है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की महिलाओं के लिए बने इस वार्ड में भर्ती मरीजों को इलाज के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं की कमी से भी जूझना पड़ रहा है। शौचालय तक पहुंचने का रास्ता ही मरीजों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। वार्ड नंबर सात में शौचालय की ओर जाने वाले मुख्य दरवाजे के पास फर्श टूट चुका है। जगह-जगह गिट्टी निकल आने से रास्ता उबड़-खाबड़ हो गया है। इस कारण महिलाओं को शौचालय तक पहुंचने में काफी दिक्कत हो रही है। गर्भवती महिलाओं और प्रसूता मरीजों के लिए यह स्थिति और भी जोखिम भरी बताई जा रही है। हल्की चूक से फिसलने या गिरने का खतरा बना हुआ है। इलाज के बीच अतिरिक्त परेशानी झेल रहीं महिलाएं परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान मरीजों को आराम और सुरक्षा की जरूरत होती है, लेकिन टूटा हुआ फर्श उनकी परेशानी बढ़ा रहा है। कई महिलाओं को सहारे के बिना चलना मुश्किल हो रहा है। रात के समय या आपात स्थिति में शौचालय जाना और भी कठिन हो जाता है, जिससे मरीजों की स्थिति बिगड़ने का खतरा रहता है। मरीजों की लगातार बढ़ती दिक्कतों को देखते हुए परिजनों ने नेहरू चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक के कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों का कहना है कि वार्ड की यह समस्या नई नहीं है, लेकिन अब तक मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे मरीजों को रोजाना जोखिम उठाना पड़ रहा है। संवेदनशील वार्ड में लापरवाही पर सवाल स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग जैसे संवेदनशील वार्ड में इस तरह की अव्यवस्था को लेकर अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते फर्श की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी गंभीर हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि शौचालय तक जाने वाले रास्ते की तुरंत मरम्मत कराई जाए और वार्ड में सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि महिलाओं को इलाज के दौरान किसी तरह की अतिरिक्त परेशानी न झेलनी पड़े।