SIR के दबाव में दिन-रात डिप्रेशन में रहने वाले BLO की सड़क हादसे में मौत हो गई। बीएलओ ड्यूटी से लौट रहे सहायक अध्यापक को ट्रक ने रौंद दिया, जहां घायल अवस्था में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। टीचर की मौत के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। 22 नवंबर को टीचर की मां का निधन हो गया था, इसके बावजूद SIR के दबाव में उन्हें छुट्टी तक नहीं दी गई। इसके बाद से वह और अधिक तनाव में थे। हादसा फरीदपुर तहसील क्षेत्र के कंजा की जयारत का है। अब जानिए पूरा मामला
फरीदपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम डगरौली निवासी मोर सिंह यादव हरेली प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात थे। उनकी बीएलओ ड्यूटी फरीदपुर नगर क्षेत्र में लगाई गई थी। 6 दिसंबर की शाम करीब छह बजे वह छंगामल मोंटेसरी स्कूल में SIR फार्म फीडिंग का कार्य निपटाकर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान कंजा की जयारत के पास ट्रक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। इलाज के दौरान हुई मौत
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि BLO मोर सिंह यादव बीच सड़क पर जा गिरे। सिर में गंभीर चोटें आने के साथ कई पसलियां टूट गईं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने उन्हें गंभीर हालत में बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी हालत लगातार नाजुक बनी रही। कई दिनों तक चले इलाज के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
गुरुवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम के बाद शुक्रवार को जब उनका शव उनके घर पहुंचा तो घर में कोहराम मच गया। गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, शिक्षक और शुभचिंतक शामिल हुए। मां की मौत पर भी नहीं मिली छुट्टी
परिजनों का आरोप है कि बीएलओ और SIR कार्य का अत्यधिक दबाव उन पर लगातार बना हुआ था। देर रात तक काम कराने और मानसिक तनाव के चलते वह डिप्रेशन में थे। परिजनों ने यह भी बताया कि 22 नवंबर को उनकी मां का निधन हो गया था, इसके बावजूद SIR के दबाव में उन्हें छुट्टी तक नहीं दी गई। परिजनों ने की परिवार के सहयोग की मांग
परिजनों ने प्रशासन से इस मामले में संवेदनशीलता दिखाने, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने और शिक्षकों पर पड़ रहे अतिरिक्त कार्यभार की समीक्षा की मांग की है। घटना ने प्रशासनिक कार्यों में लगे शिक्षकों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पढ़िए बरेली में 3 और BLO की मौत का मामला… पहला मामला- 26 नवंबर BLO सर्वेश कुमार गंगवार, जो भोजीपुरा ब्लॉक के परधौली गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय में तैनात थे। उनकी ड्यूटी SIR (Special Intensive Revision) में लगी थी। 26 नवंबर को सुबह करीब साढ़े 10 बजे वो स्कूल में अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। लोग उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। दूसरा मामला- 2 दिसंबर बरेली में एसआईआर के दबाव में प्रवक्ता अजय अग्रवाल को ब्रेन हेमरेज हो गया। उनके दिमाग की दोनों नसें फट गईं। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अजय अग्रवाल (51) मनोहर भूषण इंटर कॉलेज में 1991 से कार्यरत थे। वे 2 दिसंबर की रात साढ़े 11 बजे पापा SIR का काम कर रहे थे, तभी उनकी तबीयत खराब हो गई। वो बेड से उठ भी नहीं पा रहे थे। बेटा उन्हें फौरन मिनी बाईपास स्थित प्रताप हॉस्पिटल ले गए।जहां से डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया था। इसके बाद गंगा शील हॉस्पिटल ले गए। वहां भी डॉक्टरों ने कहा कि इन्हें कहीं और ले जाइए। इसके बाद SRMS मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। तीसरा मामला- 12 दिसंबर 12 दिसंबर को बरेली के BLO ड्यूटी में तैनात एक और टीचर की हार्ट अटैक से मौत हो गई। टीचर विनोद कुमार शर्मा रात में खाना खाकर अपने कमरे में सो रहे थे। सुबह मृत अवस्था में मिले। टीचर के बेटे ने कहा- पापा पर काम का बहुत प्रेशर था। 7 नवंबर को उन्होंने पहली एप्लिकेशन दी थी कि मुझे ड्यूटी से हटाया जाए। इसपर कहा गया कि तुम्हारा सस्पेंशन लेटर तैयार है। अब सोच लो, क्या करना है। तो पापा ने ड्यूटी रिसीव कर ली। 4-5 दिन पहले बीएलओ ने फिर ड्यूटी हटाने की एप्लिकेशन दी थी। उन्हें एंड्राइड मोबाइल और लैपटॉप चलाना नहीं आता था, इसलिए डिप्रेशन में थे। उनपर प्रेशर था कि काम नहीं करोगे तो FIR लिखवाई जाएगी। ……………… पढ़ें ये भी जरूरी खबर… राम मंदिर आंदोलन से जुड़े डॉ. रामविलास वेदांती का निधन:रीवा में ली अंतिम सांस; कोहरे के कारण लैंड नहीं कर पाई एयर एम्बुलेंस राम मंदिर आंदोलन के संत और पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती का सोमवार को निधन हो गया। मध्य प्रदेश के रीवा में दोपहर 12.20 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वे 67 साल के थे। वेदांती की रीवा में रामकथा चल रही थी। इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। दो दिन से उनका इलाज रीवा के एक हॉस्पिटल में चल रहा था। पढ़ें पूरी खबर…