बृजभूषण बोले- सवर्ण-दलितों के साथ मिलकर UGC का विरोध करें:पीलीभीत में युवकों ने मुंडन कराया, गाजियाबाद में कफन पहना

यूपी में UGC के नए नियमों के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा- यह बिल सनातन को बांटने वाला है। सवर्ण समाज को पिछड़ों-दलितों को साथ लाकर इसका विरोध करना चाहिए। बंद कमरे में बैठकर अफसर कोई भी कानून बना देते हैं। समाज में इसका क्या असर होगा, इसकी परवाह नहीं करते। लखनऊ, देवरिया समेत कई जिलों में छात्र सड़क पर उतर आए। पीलीभीत में सवर्ण समाज के युवकों ने मुंडन कराया। हाथ में काली पट्टी बांधकर नारेबाजी की। देवरिया और मेरठ में प्रदर्शनकारियों की पुलिस से नोकझोंक हो गई। उधर, गाजियाबाद में युवकों ने कफन पहनकर और जंजीर डालकर प्रदर्शन किया। अयोध्या में भाजयुमो जिलाध्यक्ष और वाराणसी में जिला कार्यसमिति सदस्य ने पद से इस्तीफा दे दिया। औरैया में भी 3 बीजेपी नेताओं ने जिलाध्यक्ष को इस्तीफा सौंपा। ‘यूपी में बाबा…’ फेम कवियित्री अनामिका जैन अंबर ने बिल के विरोध में कहा- ऐसा न हो कि सवर्ण होना अपराध हो जाए। वहीं, महाकुंभ से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया ने कहा- तिलक, तराजू और तलवार, इनको मारो जूते चार। यह वही नारा है, जिसे सुनकर हम बड़े हुए हैं। बसपा ने यह नारा 1980 के दशक में दिया था, लेकिन आज भी यह कहीं न कहीं देखने को मिल रहा है। इस UGC एक्ट का असर इस समाज पर बहुत ही भयानक तरीके से पड़ रहा है। इस एक्ट से मुझे दिक्कत है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा- सामान्य वर्ग के केवल जातिवादी मानसिकता वाले ही लोग विरोध कर रहे हैं, यह कतई उचित नहीं है। विरोध की 3 तस्वीरें देखिए- UGC के नए नियमों का विरोध क्यों?
यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (UGC) ने 13 जनवरी को अपने नए नियमों को नोटिफाई किया था। इसका नाम है- ‘प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशंस, 2026।’ इसके तहत, कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के के लिए विशेष समितियां, हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग टीमें बनाने के निर्देश दिए हैं। ये टीमें खासतौर पर SC, ST और OBC छात्रों की शिकायतों को देखेंगी। सरकार का कहना है कि ये बदलाव उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता और जवाबदेही लाने के लिए किए गए हैं। हालांकि, नियमों को जनरल कैटेगरी के खिलाफ बताकर विरोध हो रहा। आलोचकों का कहना है कि सवर्ण छात्र ‘स्वाभाविक अपराधी’ बना दिए गए हैं। जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स का कहना है कि नए नियम कॉलेज या यूनिवर्सिटी कैंपसों में उनके खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं। इससे कॉलेजों में अराजकता पैदा होगी। UGC विरोध को लेकर यूपी में क्या हो रहा, नीचे ब्लॉग में पढ़िए…