बेटे को न्याय मिलेगा तभी उसकी आत्मा शांत होगी:मेरठ के प्रियांशु की अहमदाबाद में रोडरेज में 1 साल पहले हुई थी हत्या

हमारे लिए ये बहुत बड़ा मेंटल चैलेंज है, ये दर्द हमें जिंदगी भर जहर की तरह सहना है। मेरा बच्चा अब कभी नहीं आएगा…मैं जानता हूं, लेकिन उसको खोने का गम अब मौत तक हमारे साथ रहेगा। -पंकज जैन पिछले एक साल से शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरा हो जब मां का दिल न रोया हो। बार-बार बेटे की याद आती है। कभी उसकी तस्वीर पर हाथ फेरकर उसे बुलाती हूं। कभी दिल पर हाथ रखकर उसे याद करके रोती हूं… रीनू जैन ये बयान-ए-ग़म उस मां-बाप के हैं जिनके लाडले की रोडरेज में हत्या कर दी गई। मेरठ के तिरुपति गॉर्डन के रहने वाले पंकज जैन और रीनू जैन के बेटे प्रियांशु की एक साल पहले अहमदाबाद में रोडरेज में हत्या कर दी गई थी। प्रियांशु, अहमदाबाद एमबीए करने गया था। 11 नवम्बर 2024 को उसकी हत्या कर दी गई। हत्यारोपी गुजरात पुलिस का कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह पढ़ियार था। वह जेल में है। हालांकि, इस मामले में अहमदाबाद कोर्ट में ट्रायल शुरू हो चुका है लेकिन माता-पिता का ग़म कम नहीं हुआ है। परिवार अपने मृतक बेटे को न्याय दिलाना चाहता है। लेकिन परिवारा सशंकित है कि कहीं हत्यारोपी येन-केन-प्रकारेण बाहर न आ जाए। प्रियांशु की मम्मी-पापा को न्यायपालिका पर भरोसा तो है ही वे हर पल भगवान से भी प्रार्थना कर रहे कि आरोपी को सजा मिले ताकि उनके बेटे की आत्मा को शांति मिल सके। इस हत्याकांड के एक साल पूरे होने पर दैनिक भास्कर की टीम, मेरठ में प्रियांशु के घर पहुंची। परिवार से केस के बारे में जानकारी ली..पढ़िए… पहले ये 2 तस्वीरें देखिए… भगवान… मेरा बेटा कहीं से तो आ जाए प्रियांशु का जिक्र होते ही मां रीनू जैन बार-बार भावुक हो जाती हैं। आंखों में आंसू को संभालते हुए वह कहतीं- अपना बच्चा तो मुझे सारे दिन याद आता है, कोई पल ऐसा नहीं गुजरा जब वो याद न आया हो। लगता है कि वो अभी आएगा…मम्मा…मम्मा कहते हुए आवाज देगा। पिछले एक साल से हर समय दरवाजे को निहारती हूं, कोई चमत्कार हो जाए और मेरा बेटा वापस आ जाए। अब तो जीवन का एकमात्र मकसद उसको न्याय दिलाना है। प्रियांशु के दोस्त कानूनी लड़ाई में पूरा सहयोग कर रहे। सभी बच्चे हमारे साथ हैं। मेरी सरकार से गुहार है कि जल्द से जल्द हमें न्याय मिले, ऐसे लोगों को सबक मिले जिन्होंने हमारी दुनिया ही उजाड़ दी। अब हमारी जिंदगी में कुछ नहीं रहा। वो मासूम था। वह हमारे बीच नहीं है, अभी तक मुझे इस बात का भरोसा नहीं होता। आपके बेटे के साथ ऐसा न हो इसलिए हमारा साथ दें रीनू जैन कहती हैं कि मैं अपने बेटे के लिए बस न्याय चाहती हूं। अहमदाबाद की जनता से मेरी अपील है कि वो हमारा साथ दें। वो सोचें कि उनके बच्चे के साथ ऐसा होता तो वो क्या करते। दुनिया की कोई मां ऐसे दौर से न गुजरे। जबतक मेरे बेटे को न्याय नहीं मिलेगा, उसकी आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। उन्होंने अहमदाबाद के लोगों से न्याय दिलाने में मदद करने के लिए आगे आने की अपील की। कहा- हमारा बच्चा तो चला गया, वो कभी नहीं आएगा। लेकिन किसी और के बेटे के साथ ऐसा न हो इसलिए आरोपी को सजा होना जरूरी है। हमें उम्मीद है कि हमें न्याय जरूर मिलेगा। मुझे कानून पर भरोसा है। आरोपी पुलिसवाला इसलिए बरी होने का डर रहता है प्रियांशु के पापा पंकज जैन खुद को किसी तरह संभालते हुए रुंधे गले से कहते हैं- हमारी हाथ जोड़कर लोगों से अपील है कि वो प्रियांशु को न्याय दिलाने में हमारी मदद करें। ताकि मेरे बेटे को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। जो भी विटनेस हैं, वो आगे आकर हमारा साथ दें। ताकि प्रियांशु को न्याय मिले, आरोपी को दंड मिले। हमारा तो सबकुछ चला गया। बेटे के बिना जिंदगी बहुत मुश्किल है। बेटे के बिना एक साल किसी तरह गुजरा है। कोर्ट, पुलिस हमें हेल्प कर रही है, आगे भी हेल्प करे। पुलिस से हमें कोई शिकायत नहीं है। कानून और पुलिस पर हमें भरोसा है, उनसे हम संतुष्ट हैं। आरोपी इस समय जेल में है लेकिन वो बेल के लिए अप्लाई कर रहा है। दो बार उसकी बेल रिजेक्ट हो चुकी है। 12 नवंबर को उसकी बेल पर दोबारा सुनवाई है हमें उम्मीद है कि इस बार भी उसकी जमानत खारिज होगी। आरोपी पुलिसवाला है, इसलिए हमें आशंका रहती है कि कहीं वो इसका फायदा उठाकर बच न जाए। हालांकि, कानून पर हमें भरोसा है। उसे फांसी की सजा मिलनी चाहिए, जैसे उसने मेरे बेटे की हत्या की है उसकी सजा उसे मिले। भाई के कपड़े पहनकर उसे महसूस करती हूं… प्रियांशु की बड़ी बहन गीतिका अपने छोटे भाई की चीजें देखकर उसे याद करती है। गीतिका, अक्सर प्रियांशु के कपड़े पहने रहती है। कहती है इन कपड़ों से मुझे प्रियांशु के होने का अहसास होता है। कहती हैं मेरे भाई की ये फेवरेट स्वेट शर्ट थी, वो हमेशा इसे अपने साथ रखता था, मैं मांगती थी तो देता भी नहीं था। अब इसी को पहनकर मैं उसे अपने पास होना महसूस करती हूं। हमारे पास अब कुछ बचा नहीं है, उसकी चीजें ही हमारे पास हैं। उसकी चीजों को देखकर ही हम मन बहला लेते हैं। इन्हीं चीजों को देखकर हम महसूस कर लेते हैं कि प्रियांशु हमारे साथ है। गुजरात पुलिस और कानून पर हमें भरोसा है गीतिका ने कहा- मैं गुजरात के कानून, पुलिस को थैंक्यू करती हूं। हमें पूरा सहयोग मिल रहा। लेकिन मेरी यही अपील है कि जितनी जल्दी हो सके हमारे केस में फैसला हो और हमें न्याय मिले। अहमदाबाद की जनता और इस केस के गवाहों से मेरी अपील है कि वो निडर होकर सच का साथ दें। घबराएं नहीं, हमें सपोर्ट करें। मेरा भाई तो अब वापस नहीं आ सकता, उसे हमने अहमदाबाद पढ़ने भेजा था। वहां बहुत से राज्यों के बच्चे पढ़ने आते हैं, आगे किसी के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए। आरोपी को एक सांस भी एक्स्ट्रा लेने का हक नहीं है मेरे भाई को मारने वाले उस आरोपी को एक भी सांस एक्स्ट्रा लेने का हक नहीं है, उसको फांसी होना चाहिए। उसने मेरे भाई को बिना वजह मार डाला। प्रियांशु के सारे दोस्त हमें पूरा सपोर्ट कर रहे हैं। उसके बहुत सारे दोस्त हैं, वो बहुत जल्दी दोस्त बना लेता था। उसकी हत्या के बाद सारे फ्रैंड्स अपसेट थे। वे हमें सपोर्ट करने के लिए जो भी कर सकते हैं, कर रहे हैं। भरोसा नहीं होता कि प्रियांशु अब नहीं लौटेगा प्रियांशु के जीजा वर्तिन कहते हैं- वो मेरा इकलौता साला था। मुझसे 10 साल छोटा था। मेरे बिल्कुल मेरे छोटे भाई जैसा था। हम मेरठ-गुड़गांव जहां भी मिलते बहुत टाइम साथ गुजारते थे। लेकिन उसे अचानक से खो देना एक बहुत बड़ा झटका है। भरोसा नहीं होता कि अब वो हमारे बीच नहीं है। वो कभी लौटकर नहीं आएगा। एक इंसीडेंट होता है कि कोई चला गया, लेकिन ये तो छीन लेना है। कोई बीमार होता है या चला जाता है तो उसका परिवार अलग तरह से इस सच्चाई को एक्सेप्ट करता है। लेकिन उसके इस तरह से जाने को हमारा परिवार अभी तक एक्सेप्ट नहीं कर पाया है। प्रेमानंद जी महाराज, आध्यात्म के जरिए संभलने की कोशिश कर रहे वर्तिन कहते हैं कि इमोशनली हमारा पूरा परिवार टूट चुका है। इसलिए हमें भगवान जितना भरोसा गुजरात पुलिस और कानून पर है। उनका पूरा साथ हमें मिल रहा है। हमें आश्वासन भी मिला है कि भले आरोपी पुलिस बैकग्राउंड का है लेकिन उसे अपने किए की सजा मिलेगी। तभी प्रियांशु की आत्मा को शांति मिलेगी। हमने खुद को आध्यात्म और प्रेमानंद जी महाराज के चरणों में शरण लिया है। ये घटना क्यों हुई ये हमें आज तक समझ नहीं आई। शायद ये प्रारब्ध ही है इसलिए हम अब न्याय चाहते हैं। मैं कहूंगा कि अगर आरोपी या उसके परिवार को इस घटना का जरा सा भी गिल्ट है तो उन्हें इसकी सजा मिलनी चाहिए। अहमदाबाद कोर्ट में चल रहा केस प्रियांशु हत्याकांड के मुकदमे का अहमदाबाद कोर्ट में ट्रायल शुरू हो चुका है। मई 2025 में ये केस ट्रायल पर आ गया। इसमें लगभग 60 गवाह हैं। लगभग 10 गवाहों के बयान हो चुके हैं। आरोपी वीरेंद्र सिंह पढ़ियार जेल में है। गुजरात पुलिस ने केस में 500 पन्नों से ज्यादा की चार्जशीट कोर्ट में लगाई है। जिसमें हत्याकांड से जुड़े तमाम सुबूत भी शामिल हैं। घटना की टाइमलाइन 10 नवंबर की रात प्रियांशु की अहमदाबाद में बीच सड़क चाकू मारकर हत्या की गई 11 नवंबर की सुबह परिवार को घटना की जानकारी हुई 12 नवम्बर को मेरठ से प्रियांशु का परिवार अहमदाबाद गया, केस दर्ज कराया 13 नवंबर को मेरठ में प्रियांशु का अंतिम संस्कार हुआ मई 2025 में अहमदाबाद कोर्ट में मुकदमे का ट्रायल शुरू हुआ —————- ये खबर भी पढ़ें… बाथरूम में गैस-गीजर ऑन कर नहा रही छात्रा की मौत:अलीगढ़ में दम घुटा, 1 दिन पहले बर्थडे किया था सेलिब्रेट, पिता सेना में; मां टीचर अलीगढ़ में बाथरूम में दम घुटने से एक बच्ची की मौत हो गई। वह गैस गीजर ऑन कर नहा रही थी। आधा घंटा से अधिक वक्त बीतने के बाद जब वह बाहर नहीं निकली तो मां ने आवाज दी। कोई रिस्पांस नहीं मिला तो पहली मंजिल से मां नीचे पहुंची। दरवाजा तोड़ा गया। अंदर वह बेहोश पड़ी थी। पूरी खबर पढ़ें…