मथुरा में कर्ज चुकाने के लिए साध्वी का मर्डर:जिम मालिक ने लाश जलाई, फर्जी डॉक्यूमेंट्स बनवाकर घर बेच दिया

मथुरा में जिम मालिक ने कर्ज चुकाने के लिए साध्वी की गला दबाकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को जला दिया, ताकि पुलिस को कोई सबूत न मिल सके। 11 महीने तक केस रहस्य बना रहा। बुधवार देर शाम पुलिस ने मामले का खुलासा कर मुख्य आरोपी अभिषेक को गिरफ्तार कर लिया। साध्वी चंद्रमुखी देवी उर्फ चित्रा दासी (70) 35 साल से वृंदावन के गोशाला नगर में रहती थीं। 10 साल पहले उनके पति की मौत हो गई थी। इसके बाद से अकेले रह रही थीं। साध्वी के मकान के पीछे बने बेसमेंट में अभिषेक जिम चलाता था। उस पर जिम का सामान खरीदने और निजी लेनदेन में भारी कर्ज हो गया था। इसी लालच में उसने अपने साथी विकास के साथ मिलकर साध्वी की हत्या की। इसके बाद घर का फर्जी वसीयतनामा बनवाया और छाता के किसान विजय सिंह को 9 लाख रुपए में मकान बेच दिया। पुलिस ने जांच शुरू की तो विजय सिंह से पूछताछ की और रजिस्ट्री के कागजों की जांच की। विजय ने बताया कि यह मकान उसने विकास और अभिषेक से खरीदा है। इसके बाद पुलिस ने पहले विकास और फिर अभिषेक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने जुर्म कबूल कर लिया। वृंदावन में अकेले रहती थीं साध्वी चंद्रमुखी देवी उर्फ चित्रा दासी (70) मूलरूप से बिहार की रहने वाली थीं। वह प्रतिदिन वृंदावन की परिक्रमा करती थीं। उन्होंने महंत फूलडोल दास महाराज के शिष्य से दीक्षा ली थी। 21 दिसंबर को कुंभ की तैयारी में लगे संत लाड़ली दास के पास उनके गुरु महंत फूलडोल बिहारी दास का फोन आया। उन्होंने बताया कि साध्वी पिछले 5 दिनों से परिक्रमा करने नहीं आई हैं। इसके बाद संत लाड़ली दास ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। लेकिन पुलिस को उनका कोई पता नहीं चला। 11 महीने तक सुराग नहीं लगा, लेडी IPS ने 20 में खुलासा किया
इसी बीच, साध्वी के साथ परिक्रमा करने वालों ने संत लाड़ली दास को फोन कर बताया कि हो सकता है साध्वी कुंभ में चली गई हों। लेकिन जून तक जब वह नहीं लौटीं, तो 21 जून 2025 को पुलिस में दोबारा शिकायत की गई। पुलिस जांच का आश्वासन देकर मामले को टालती रही। जब संतों ने दबाव बनाया तो पुलिस ने घर की छानबीन की। साध्वी का मोबाइल घर में मिला, लेकिन उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। जांच में लगातार विफलता के बाद संतों के दबाव पर SSP ने जांच सीओ सदर से हटाकर सीओ सिटी IPS आशना चौधरी को सौंप दी। उन्होंने 20 दिन में ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया। आरोपी का कबूलनामा पढ़िए … अभिषेक ने बताया, “मैं चंद्रमुखी के मकान के पीछे बने एक मकान के बेसमेंट में जिम चलाता हूं। मेरे ऊपर जिम के सामान और अन्य खर्चों का कर्ज हो गया था। इसके बाद मैंने अपने दोस्त विकास के साथ मिलकर चंद्रमुखी देवी को मारने का प्लान बनाया। दिसंबर 2024 में मैंने अपने साथियों के साथ मिलकर चंद्रमुखी की गला घोंटकर हत्या कर दी। चंद्रमुखी को मारने के बाद हमने उनका शव केसी घाट पर जला दिया। इसके बाद उनके मकान का ताला तोड़कर बैनामे की मूल प्रति, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी और उनके पति का आधार कार्ड चोरी कर लिए। 9 फरवरी, 2025 को विकास की मदद से शाहजहांपुर से साध्वी का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया, जिसमें उन्हें सिरखिड़ी गांव, तहसील पुवायां का निवासी बताया गया। डेथ सर्टिफिकेट बनवाने के बाद हमने फर्जी वसीयत और अन्य कागज तैयार करवाए और चंद्रमुखी का मकान बेच दिया।” 6 आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मथुरा निवासी अभिषेक शर्मा (26), विजय सिंह (44), वकील मोहम्मद (36), मोहम्मद आरिफ (36), ओमकार सिंह (37) और शाहजहांपुर के लहरिया गांव निवासी विकास मिश्रा (24) शामिल हैं। विकास इन दिनों हरदेव कॉलोनी, वृंदावन में रहता है। ————————- ये खबर भी पढ़ें…. बाबरी मस्जिद के खंडहरों पर राम मंदिर- अमेरिकी रिपोर्ट:वकील विष्णु शंकर जैन बोले- यह नरेटिव युद्ध; काशी के संतों ने चेतावनी दी अमेरिका की यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (USCIRF) ने 2025 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में बाबरी मस्जिद, PM नरेंद्र मोदी, अमित शाह सहित RSS (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) का जिक्र है। RSS पर धार्मिक नीतियों से लेकर स्कूली किताबों को बदलने तक कई आरोप लगाए हैं। पढ़ें पूरी खबर…