मथुरा हादसे के लिए अफसर जिम्मेदार, 19 जिंदा जले थे:66 पेजों की पहली जांच रिपोर्ट; सड़क दबी और घुमावदार, लाइट भी नहीं

मथुरा के यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसे की 66 पेजों की पहली जांच गोपनीय रिपोर्ट सौंप दी गई। यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण के अफसरों को हादसे का जिम्मेदार ठहराया गया है। दावा किया गया है कि जहां 19 लोग जिंदा जल गए, वह जगह ब्लैक स्पॉट थी। सड़क नीची और घुमावदार है। इसलिए संकेतक कोहरे में दिखाई नहीं देते। सड़क पर पेंटिंग दूर-दूर तक नहीं की गई। रोड पर लाइट नहीं लगाई गई थी। घने कोहरे में रिफ्लेक्टर भी दिखाई नहीं पड़ते हैं। घटनास्थल पर CCTV भी नहीं थे, जिसके कारण हादसा कैसे हुआ, इसके बारे में ठीक से जानकारी नहीं मिल सकी। 16 दिसंबर को यमुना एक्सप्रेस-वे पर कोहरे के चलते 18 गाड़ियां आपस में टकरा गई थीं। 6 बसों और 3 कारों में आग लग गई थी। हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई थी। 90 लोग घायल हुए थे। हादसे के बाद DM ने 6 सदस्यीय टीम बनाई थी। इसे ADM प्रशासन अमरेश कुमार लीड कर रहे थे। टीम ने 48 घंटे के अंदर जांच कर शुक्रवार शाम को अपनी रिपोर्ट सौंपी। IIRT टीम की 3 घंटे जांच, जली बस में मिला सिलेंडर इसके अलावा हादसे की जांच के लिए हरियाणा की IIRT टीम भी जांच कर रही है। इसमें 11 सदस्य शामिल थे। शुक्रवार को IIRT की HOD डॉ. श्रुति टीम के साथ घटनास्थल पहुंचीं और वहां 3 घंटे तक बारीकी से जांच की। स्पॉट से सैंपल लिए। टीम ने वहां से गुजर रही दो डबल डेकर बसों को रुकवाया। इसके बाद बसों के अंदर जाकर जांच की। बसों के अंदर इमरजेंसी गेट, टायर फिटनेस, फर्स्ट एड बॉक्स को देखा। यह भी जानने की कोशिश की कि आपातकालीन स्थिति में डबल डेकर बस से निकलने में यात्रियों को क्या दिक्कतें आती हैं। एक्सप्रेस-वे पर निरीक्षण करने के बाद जांच अधिकारी फोरेंसिक टीम के साथ राया कट पर पहुंचे। यहां टीम ने यार्ड में रखी जली हुई गाड़ियों को देखा। एक बस के अंदर से 5 किलो का गैस सिलेंडर, जला मोबाइल और यात्रियों का कुछ सामान मिला, जिसे जांच के लिए लैब भेज दिया गया। यमुना एक्सप्रेस-वे पर कोहरे के चलते हादसा, 19 जिंदा जले
मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर कोहरे के चलते कोहरे के चलते 18 गाड़ियां आपस में टकरा गई थीं। 6 बसों और 3 कारों में आग लग गई थी। भाजपा नेता समेत 19 लोगों की जलकर मौत हो गई थी। 90 से ज्यादा घायल हो गए थे। हादसा थाना बलदेव क्षेत्र में माइलस्टोन 127 पर हुआ था। हादसा जिस वक्त हुआ, एक्सप्रेस-वे पर घना कोहरा था। अचानक स्लीपर बस के सामने धुंध आ गई। इसके चलते ड्राइवर ने ब्रेक मारकर स्पीड धीमी की। इसके बाद पीछे चल रहे वाहन टकराते चले गए। टक्कर से एसी बस में आग लग गई। लोगों को भागने तक का मौका नहीं मिला। 4 पॉइंट में समझिए, कैसे चला था रेस्क्यू ऑपरेशन हादसे की तस्वीरें देखिए- ——————— मथुरा हादसे की ये खबर भी पढ़िए- मथुरा हादसा-जलती बसों में चीखते रहे, शीशा तोड़कर कूदे: घंटेभर बाद रेस्क्यू शुरू, युवती बोली-फायर ब्रिगेड टाइम पर आती तो जानें बच जातीं मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर कोहरे के चलते 8 बसें और 3 कारें भिड़ गईं। टक्कर होते ही गाड़ियों में आग लग गई। अब तक 13 की मौत हो चुकी है, 66 घायल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर होते ही बम जैसा धमाका हुआ। बसों में लोग चीखते रहे। कई शीशा तोड़कर खिड़की से कूदे। रेस्क्यू घंटेभर बाद शुरू हुआ। पढ़ें पूरी खबर… ——- ये खबर भी पढ़िए- हवनकुंड में महिला को जिंदा जलाने वाले 4 को उम्रकैद, संभल में घर में घुसकर बेटी के सामने मां से किया था गैंगरेप संभल में गैंगरेप के बाद मंदिर के हवन कुंड में महिला को जिंदा जला दिया गया था। वारदात के साढ़े 7 साल बाद आए फैसले में 4 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही कोर्ट ने हर दोषी पर एक लाख 7 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। पीड़ित परिवार ने सभी दोषियों को फांसी की सजा की मांग की थी। पढ़ें पूरी खबर…