बलिया के नगर पंचायत मनियर में करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर पर न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन पश्चिमी बलिया ने स्थगन आदेश जारी किया है। यह आदेश विमला उपाध्याय बनाम उत्तर प्रदेश सरकार आदि के वाद के संदर्भ में पारित किया गया है। नगर पंचायत मनियर ने जनवरी 2025 में इस एमआरएफ सेंटर का निर्माण कार्य शुरू किया था। यह परियोजना अब लगभग पूरी हो चुकी है, जिसमें वर्तमान में पेंटिंग और मशीन लगाने का काम चल रहा था। वादिनी द्वारा निर्माण रोकने के प्रयासों के बावजूद कार्य जारी रहा था। मनियर निवासी विमला उपाध्याय पत्नी स्वर्गीय बच्चन उपाध्याय ने उत्तर प्रदेश राज्य सरकार (कलेक्टर बलिया), उप जिलाधिकारी बांसडीह, तहसीलदार बांसडीह और कपिल देव पुत्र स्वर्गीय विश्वनाथ के खिलाफ न्यायालय में वाद दाखिल किया था। विमला का आरोप है कि विवादित जमीन उनकी बैनामाशुदा संपत्ति है और उस पर उनका कब्जा व मालिकाना हक है। न्यायालय ने वादिनी के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए एकपक्षीय रूप से अस्थाई निषेधाज्ञा स्वीकार कर ली है। यह स्थगन आदेश विवादित भूमि पर लागू होगा, जिससे एमआरएफ सेंटर का आगे का निर्माण कार्य रुक जाएगा। इस संबंध में पूछे जाने पर नगर पंचायत मनियर के अधिशासी अधिकारी संदीप सिंह और उप जिलाधिकारी बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी ने स्थगन आदेश से अनभिज्ञता जाहिर की। उन्होंने बताया कि उन्हें अभी तक कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है और एमआरएफ केंद्र बनकर तैयार हो चुका है। हालांकि, मनियर थाना प्रभारी कौशल कुमार पाठक ने पुष्टि की है कि आदेश की प्रति अधिशासी अधिकारी मनियर को भिजवा दी गई है।