लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में लखीमपुर खीरी के मरीज की जटिल सर्जरी कर डॉक्टरों ने उसे नया जीवन दिया। 55 साल का मरीज न्यूरोफाइब्रोमैटॉसिस नामक अनुवांशिक रोग से पीड़ित था। जिसके चलते उसके शरीर में 800 से 1000 की संख्या में गांठें बन जाती हैं। इन्हीं में 1.5 किलोग्राम वजन वाली एक विशाल गांठ लगातार बढ़ रही थी। जटिल सर्जरी कर डॉक्टरों ने ट्यूमर को हटा दिया। अस्पताल के एमएस डॉ.देवाशीष शुक्ल ने बताया- मरीज के शरीर में सैकड़ों की संख्या में गांठें उभर आईं थीं। इनमें से दाहिने हाथ की बगल (कांख) के नीचे लगभग 10 इंच आकार और 1.5 किलोग्राम वजन वाली एक विशाल गांठ (ट्यूमर) उभर आई थी। इससे मरीज को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। मरीज ने अस्पताल में आकर दिखाया था। उसे 26 नवंबर को भर्ती किया गया और 27 नवंबर को चिकित्सकों की टीम ने डेढ़ किलो का ट्यूमर निकाल दिया। 2 घंटे तक जटिल सर्जरी चली। बचपन से बीमारी की जद में था मरीज सर्जरी करने वाले डॉ.एसके पांडेय ने बताया- लखीमपुर खीरी के 55 साल के मरीज के शरीर में 800 से 1000 गांठ थी। इनमें से एक ट्यूमर डेढ़ किलो था, उसे जटिल सर्जरी कर हटा दिया गया। मरीज बचपन से इस बीमारी की चपेट में था। उम्र बढ़ने के साथ उसकी समस्याएं बढ़ती गई। शरीर में डेढ़ किलो वजन का ट्यूमर होने से वो रोजमर्रा के कामकाज करने में असमर्थ हो गया था। इस टीम ने ऑपरेशन किया मुख्य शल्य चिकित्सक डॉ. एसके पांडे, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. पियूष और डॉ. एमपी सिंह, नर्सिंग स्टाफ उमा, अल्पना और जूनियर रेसिडेंट डॉ. लोकेश शामिल रहे।