महाशिवरात्रि के पावन पर्व को लेकर देशभर के शिवालयों में हर-हर महादेव की गूंज है। उत्तर प्रदेश के कानपुर, जिसे ‘छोटी काशी’ के नाम से भी जाना जाता है, यहाँ का ऐतिहासिक परमट आनंदेश्वर मंदिर पूरी तरह से सज चुका है। बाबा आनंदेश्वर के दर्शन के लिए भक्तों में भारी उत्साह है। इस बार महाशिवरात्रि पर मंदिर प्रशासन और महंतों ने विशेष तैयारियां की हैं, जिसमें बाबा का ‘दूल्हा’ स्वरूप मुख्य आकर्षण होगा। मंदिर के विकास के लिए 7 दिवसीय शतचंडी महा रूद्र यज्ञ: मंदिर के महंत ने बताया कि,महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में आनंदेश्वर मंदिर में पिछले तीन-चार दिनों से शतचंडी मां रूद्र यज्ञ का भव्य अनुष्ठान चल रहा है। कुल 7 दिनों तक चलने वाले इस यज्ञ का उद्देश्य मंदिर का सर्वांगीण विकास और यहाँ आने वाले भक्तों की मनोकामनाओं की पूर्ति है। अनुष्ठान की पूर्णाहुति के साथ ही शिवरात्रि के मुख्य पर्व पर बाबा का भव्य श्रृंगार किया जाएगा, जिसमें उन्हें एक दूल्हे की तरह सजाकर विशेष महाआरती की जाएगी। दर्शन के लिए ‘वन-वे’ व्यवस्था: जूता-चप्पल बाहर रखने की अपील भीड़ को देखते हुए इस बार प्रशासन और मंदिर कमेटी ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। भक्तों का प्रवेश मुलबगल ग्राउंड के मुख्य द्वार से होगा। बाबा के दर्शन के बाद भक्तों की निकासी मां गंगा की ओर से की जाएगी। शुरुआती तौर पर दो लाइनें बनाई गई हैं, जिन्हें भीड़ के अनुसार घटाया या बढ़ाया जाएगा। भक्तों से विशेष आग्रह किया गया है,कि वे अपने जूते-चप्पल वाहनों में या सुरक्षित स्थान पर बाहर ही छोड़ कर आएं। निकासी द्वार से प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा, जिसकी निगरानी CCTV कैमरों से की जा रही है।